Today’s Insights: एक गलती और नाइट्रोजन खाद बेकार! जानें क्यों शाम को ही डालना चाहिए ये उर्वरक
Tips For Farmers: दिनभर की मेहनत के बाद जब खेतों पर शाम की ठंडी हवा चलने लगती है, उसी वक्त किया गया एक छोटा-सा सही फैसला फसल की सेहत बदल सकता है. बहुत कम किसान जानते हैं कि नाइट्रोजन खाद कितनी मात्रा में नहीं, बल्कि किस समय दी जाए यह सबसे ज्यादा मायने रखता है.

दिन में तेज धूप और गर्मी के कारण नाइट्रोजन खाद हवा में उड़ जाती है, जिसे वाष्पीकरण कहते हैं. शाम के समय तापमान कम होता है, जिससे खाद मिट्टी में बनी रहती है और बेकार नहीं जाती.

शाम के समय खेत की मिट्टी में नमी ज्यादा होती है. ऐसी स्थिति में नाइट्रोजन खाद जल्दी घुलती है और पौधों की जड़ों तक आसानी से पहुंचती है, जिससे पोषण सही तरीके से मिलता है.

ठंडे वातावरण में पौधों की जड़ें ज्यादा सक्रिय रहती हैं. इस समय दी गई नाइट्रोजन खाद पौधे बेहतर तरीके से सोख पाते हैं, जिससे उनका विकास संतुलित रहता है.

पश्चिम एशिया में तनाव का असर, भारत में खाद की कमी और महंगाई बढ़ने की आशंका, pc-pexels

शाम को दी गई खाद रातभर मिट्टी में धीरे-धीरे घुलती रहती है. इससे पौधों की जड़ों को लगातार पोषण मिलता है और फसल की बढ़वार बेहतर होती है.

अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा है कि खाद महंगी बिक रही हैं.