Today’s Insights: कुछ घंटों की तेज हवा और महीनों की मेहनत हो सकती है बर्बाद, किसान तुरंत अपनाएं ये उपाय
Tips For Farmers: मौसम जब अचानक करवट लेता है, तो इसका सबसे पहला असर खेतों पर पड़ता है. तेज हवाएं कुछ ही घंटों में किसानों के महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती हैं. ऐसे में अगर समय रहते सही कदम न उठाए जाएं, तो खड़ी फसल झुक सकती है, टूट सकती है या पूरी तरह बर्बाद भी हो सकती है. मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कुछ खास टिप्स जो आपकी फसल को तेज हवाओं से सुरक्षित रख सकते हैं.

तेज हवाओं में सबसे पहले नुकसान खेत की खुली दिशा से होता है. ऐसे में खेत की मेड़ों को ठीक से मजबूत करें. अगर संभव हो तो प्लास्टिक नेट, झाड़ियों या अस्थायी बांस की बाड़ लगाएं, जिससे हवा की सीधी मार फसल तक न पहुंचे.

गेहूं, सरसों, सब्जियां और दालों की फसल तेज हवा में गिरने का ज्यादा खतरा रखती हैं. इन फसलों के बीच-बीच में बांस, लकड़ी या तार से सहारा देने से पौधे टूटने या जमीन पर गिरने से बचते हैं.

अगर मौसम विभाग ने तेज हवा की चेतावनी दी हो, तो उससे पहले हल्की सिंचाई करें. नमी वाली मिट्टी पौधों की जड़ों को मजबूती देती है, जिससे हवा में फसल उखड़ने या गिरने का खतरा कम हो जाता है.

सूखे खरपतवार और टूटे पौधे तेज हवा में उड़कर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए हवा चलने से पहले खेत की सफाई करना बहुत जरूरी है.

तेज हवा में किया गया छिड़काव बेकार चला जाता है और दवा पास के खेतों में उड़ सकती है. इससे फसल को नुकसान और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं. मौसम सामान्य होने पर ही स्प्रे करें.

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी किसानों के लिए बहुत अहम होती है. मोबाइल अलर्ट, रेडियो या स्थानीय कृषि अधिकारी से जानकारी लेकर समय रहते तैयारी करें, ताकि फसल को कम से कम नुकसान हो.