Tip Of The Day: आम के मंजर पर मंडरा रहा मधुआ कीट खतरा! फरवरी में ये गलती की तो आधी फसल हो सकती है बर्बाद
Mango Farming Tips: फरवरी का महीना आम की बागवानी के लिए बेहद अहम होता है, क्योंकि इसी समय पेड़ों पर मंजर निकलते हैं और आने वाली फसल की नींव रखी जाती है. अगर इस चरण में सही पोषण, सिंचाई और कीट प्रबंधन पर ध्यान न दिया जाए, तो फूल झड़ सकते हैं और पैदावार घट सकती है. ऐसे में थोड़ी सी जागरूकता और समय पर सही कदम उठाकर किसान भरपूर फल और बेहतर मुनाफा हासिल कर सकते हैं.

अक्सर किसान आम के पेड़ों में सिर्फ नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (NPK) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अच्छे उत्पादन के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व भी जरूरी हैं. संतुलित पोषण से पेड़ मजबूत बनते हैं, मंजर स्वस्थ रहते हैं और फलधारण बेहतर होता है.

फरवरी में जब पेड़ों पर मंजर आते हैं, तब हल्की और नियंत्रित सिंचाई करनी चाहिए. इस समय सही खाद प्रबंधन से मंजर मजबूत बनते हैं और फल बनने की प्रक्रिया अच्छी तरह शुरू होती है.

खेत में पानी जमा होने से जड़ों को नुकसान होता है और रोग व कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है. इसलिए बाग में उचित जलनिकास व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है.

मंजर आने के साथ ही मधुआ कीट सक्रिय हो जाता है. यह मंजर का रस चूस लेता है, जिससे फूल झड़ने लगते हैं और फल बनने की संभावना कम हो जाती है. समय पर पहचान जरूरी है.

विशेषज्ञ इमीडाक्लोरोपिड 0.5 से 1 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह देते हैं. लेंसर गोल्ड का भी उपयोग किया जा सकता है. मंजर पूरी तरह खिलने से पहले दवा का प्रयोग करना अधिक प्रभावी रहता है.

जब फूल पूरी तरह खिल जाएं, तब कीटनाशक का छिड़काव नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे परागण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. सही समय पर पोषण, सिंचाई और कीट नियंत्रण ही अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफे की कुंजी है.