पटना: बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है. इसी कड़ी में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य है कि छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक तकनीक से जुड़कर खेती को अधिक लाभकारी बना सकें.
बिहार में कृषि यंत्रीकरण को मिल रहा बढ़ावा
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार बिहार में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को कई तरह के आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है. इसमें ट्रैक्टर से जुड़े उपकरण, सीड ड्रिल, रोटावेटर, रीपर और अन्य मशीनें शामिल हैं. सरकार चाहती है कि खेती के पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक तकनीक अपनाई जाए, ताकि कम समय में ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सके. उन्होंने कहा कि मशीनों के इस्तेमाल से खेती की लागत कम होगी और किसानों को मजदूरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा. इससे खेती का काम तेजी से पूरा हो सकेगा.
छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष फोकस
बिहार सरकार की इस योजना का सबसे बड़ा फायदा छोटे किसानों को मिलने की उम्मीद है. पहले महंगे कृषि यंत्र खरीदना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब अनुदान मिलने से किसान कम खर्च में आधुनिक मशीनें खरीद पा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान अब खेती के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करने लगे हैं. इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है.
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जैविक खेती को भी बढ़ावा
कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार आने वाले वर्षों में जैविक खेती को भी बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है. साल 2026-27 में जैविक खेती से जुड़ी कई योजनाओं को लागू किया जाएगा. सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती और कम रासायनिक उपयोग वाली तकनीकों के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी.
सिंचाई योजनाओं पर सरकार का जोर
राज्य सरकार हर खेत तक पानी पहुंचाने के लक्ष्य पर भी काम कर रही है. इसके तहत माइक्रो सिंचाई योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों से पानी की बचत के साथ फसलों को बेहतर सिंचाई मिल सकेगी. सरकार का मानना है कि बेहतर सिंचाई और आधुनिक कृषि यंत्रों के मेल से किसानों की आय में बड़ा बदलाव आ सकता है.