खेती में AI को बढ़ावा देने की बेहद धीमी रफ्तार, 5 साल में आधा फंड ही खर्च कर सकी सरकार

AI use in agriculture : केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से साल 2022 से मार्च 2027 तक के लिए बीते 5 साल में कृषि में एआई इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 2534 करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की गई. लेकिन, इसके मुकाबले खर्च की गई राशि केवल 57 फीसदी ही रही है. ऐसे में नवाचार और मॉडर्न फार्मिंग के दावों पर सवाल उठ रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 24 Jul, 2026 | 08:57 PM

केंद्र सरकार खेती में एआई आधारित कृषि उपकरणों को बढ़ावा देने के लिए हर साल बजट तो आवंटित कर रही है, लेकिन कई वर्षों में पूरा पैसा खर्च ही नहीं हो सका है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि बीते 5 साल में कृषि एआई में इस्तेमाल के लिए 2534 करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की गई, लेकिन सरकारी विभाग इससे आधी रकम ही खर्च कर सके हैं. कई बार उपयोग की गई राशि आवंटित बजट के मुकाबले काफी कम रही है, जिससे योजनाओं को लागू करने की रफ्तार पर बेहद धीमी रही है. वहीं, हाल के वर्षों में बजट बढ़ाने के बजाय उसमें कटौती भी देखने को मिली है. ऐसे में कृषि क्षेत्र में एआई तकनीक के व्यापक विस्तार और किसानों तक इसके लाभ पहुंचाने की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 2022 से मार्च 2027 तक के लिए बीते 5 साल में कृषि एआई में इस्तेमाल के लिए 2,534.84 करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की है. लेकिन, इसके मुकाबले खर्च की गई राशि 1,456.99 करोड़ रुपये ही रही है. इस हिसाब से कुल आवंटित राशि के मुकाबले करीब 57 फीसदी फंड ही खर्च किया जा सका है. यह स्थिति एआई इस्तेमाल को बढ़ावा देने की योजना के ढुलमुल होने को दर्शाता है.

पहले सालाना आवंटित फंड बढ़ाया, फिर घटाया

केंद्र सरकार ने खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कृषि उपकरणों और डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022-23 में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. इसके बाद 2023-24 में यह राशि बढ़ाकर 450 करोड़ रुपये और 2024-25 में 763.88 करोड़ रुपये कर दी गई. हालांकि, 2025-26 में आवंटन घटकर 758.56 करोड़ रुपये रह गया और 2026-27 में इसे और कम करके 502.40 करोड़ रुपये कर दिया गया. यानी शुरुआती वर्षों में बजट बढ़ाया गया, लेकिन बाद के वर्षों में इसमें कटौती देखने को मिली.

एआई पर सालाना कितना फंड खर्च हुआ

आवंटित बजट की तुलना में वास्तविक खर्च काफी कम रहा है. वर्ष 2022-23 में 60 करोड़ रुपये के मुकाबले केवल 20.84 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2023-24 में 450 करोड़ रुपये में से सिर्फ 119.44 करोड़ रुपये ही उपयोग किए जा सके. 2024-25 में 763.88 करोड़ रुपये के मुकाबले 356 करोड़ रुपये और 2025-26 में 758.56 करोड़ रुपये में से 596.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए. वहीं, 2026-27 में अब तक 502.40 करोड़ रुपये के प्रावधान के मुकाबले 364.62 करोड़ रुपये का उपयोग हुआ है.

साल दर साल आवंटित और खर्च बजट की सूची.

ढुलमुल रवैये से खेती में नवाचार योजना संकट में

आंकड़ों से स्पष्ट है कि कई वर्षों में सरकार आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं कर सकी. करोड़ों रुपये का प्रावधान होने के बावजूद बड़ी राशि खर्च नहीं हो पाई, जिससे AI आधारित कृषि तकनीकों के विस्तार की गति प्रभावित होने की संभावना है. इसके साथ ही हाल के वर्षों में बजट बढ़ाने के बजाय उसमें कटौती भी की गई है, जिससे कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों और डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा देने की रफ्तार पर असर पड़ सकता है.

Published: 24 Jul, 2026 | 08:44 PM

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