बिहार में बाढ़ से 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, गंगा ने तोड़ा रिकॉर्ड.. 9 जिलों में बारिश का अलर्ट

Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. 12 जिलों के 70 प्रखंडों और 368 पंचायतों में करीब 22.42 लाख लोग प्रभावित हैं. पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंचकर 2016 का रिकॉर्ड तोड़ चुका है. कई जगह तटबंध टूटने और नदियों के बढ़ते जलस्तर से गांवों में पानी घुस गया है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 7 Sep, 2026 | 06:05 PM

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई हिस्सों में पानी फैल गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 जिलों के 70 प्रखंडों और 368 पंचायतों में करीब 22.42 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. अलग-अलग इलाकों में बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 20 लोगों की मौत की खबर है. हालात को देखते हुए राहत और बचाव के लिए NDRF की 10 और SDRF की 27 टीमें तैनात की गई हैं. प्रभावित इलाकों में 1,429 नावों की मदद से लोगों तक राहत पहुंचाने और फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है.

पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

राजधानी पटना में बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता बढ़ा रही है. गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर तक पहुंच गया है. यह 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के पुराने रिकॉर्ड से भी ज्यादा है. गंगा के लगातार बढ़ते पानी की वजह से पटना सिटी के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है. वहीं हथिदह में भी गंगा का जलस्तर 2021 के 43.52 मीटर के रिकॉर्ड तक पहुंच गया है. नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

तटबंध टूटने से गांवों में घुसा पानी

बाढ़ के बढ़ते दबाव का असर तटबंधों पर भी दिखाई दे रहा है. पटना जिले में पुनपुन, दरधा और महत्माइन नदियों के दबाव के कारण कई तटबंध क्षतिग्रस्त हुए हैं. छपरा के दरियापुर में मही नदी का तटबंध करीब 20 फीट तक टूट गया, जिसके बाद आसपास के कई गांवों में पानी भर गया. भागलपुर के अकबरनगर में रिंग बांध के ऊपर से पानी बहने के बाद सुल्तानगंज की नौ पंचायतों के करीब 4 हजार घर प्रभावित हुए हैं. हालात का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है. NH-80 पर करीब दो फीट पानी बह रहा है. वहीं समस्तीपुर के मोहनपुर में फोरलेन अंडरपास का एप्रोच रोड भी धंस गया है.

कोसी बराज से छोड़ा गया करीब 2 लाख क्यूसेक पानी

सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. सोमवार, 7 सितंबर की सुबह 8 बजे कोसी बराज से 1,96,645 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. डाउनस्ट्रीम में करीब 1,57,000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया. इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से कोसी के आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है. प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है.

आज 9 जिलों में बारिश का अलर्ट

बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने भी बिहार के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, सोमवार को राज्य के 9 जिलों में बारिश होने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और पानी वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

बारिश सामान्य से कम, फिर भी बाढ़ ने बढ़ाई चिंता

बिहार में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है. राज्य में इस अवधि में सामान्य बारिश 820.9 मिमी मानी जाती है, जबकि अब तक 531.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है. यानी बारिश सामान्य से करीब 35 फीसदी कम है. इसके बावजूद पिछले 24 घंटे में कई जगह अच्छी बारिश हुई. मुंगेर में 73 मिमी, पटना में 68 मिमी, बांका में 67 मिमी और मुजफ्फरपुर में 65 मिमी बारिश दर्ज की गई.

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Published: 7 Sep, 2026 | 06:05 PM

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