केरल के तट पर मॉनसून की दस्तक.. अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी
मानसून अब केरल के बेहद करीब पहुंच चुका है और मौसम तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना जताई है. आने वाले कुछ दिन मानसून की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिससे दक्षिण भारत के कई राज्यों में असर देखने को मिल सकता है.
Monsoon Update: देशभर में लोग मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं और अब इसकी दस्तक केरल के तट तक पहुंच चुकी है. हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून अभी पूरी तरह केरल में प्रवेश नहीं कर पाया है. इसके बावजूद दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है और आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार से पांच दिन मॉनसून की प्रगति के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं.
केरल और लक्षद्वीप के पास सक्रिय हो रहे हैं बारिश के बादल
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में फिर से बारिश वाले बादल मजबूत हो रहे हैं. ये बादल धीरे-धीरे लक्षद्वीप और केरल तट की ओर बढ़ रहे हैं. यही वजह है कि केरल के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं. फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा कन्याकुमारी के दक्षिण हिस्से और श्रीलंका के आसपास बनी हुई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून जल्द ही केरल, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है.
अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने केरल और माहे में बुधवार से लगातार चार दिनों तक बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके अलावा सोमवार और मंगलवार को भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और लक्षद्वीप में भी आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. तटीय कर्नाटक में बुधवार से मौसम ज्यादा सक्रिय हो सकता है. कई जगहों पर तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है.
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दक्षिण भारत के कई राज्यों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मुंबई समेत कई शहरों को करना पड़ सकता है इंतजार
मौसम के लंबे पूर्वानुमान बताते हैं कि अगले दो सप्ताह तक बारिश का ज्यादा असर केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है. इसके अलावा तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने के संकेत हैं. हालांकि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. आमतौर पर 10 जून के आसपास पहुंचने वाला मानसून इस बार देर से दस्तक दे सकता है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून को मजबूत करने वाले कुछ वैश्विक मौसम कारकों का पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है, जिसके कारण इसकी गति धीमी बनी हुई है. फिर भी दक्षिण भारत में बढ़ती बारिश की गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि मानसून अब ज्यादा दूर नहीं है. आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि देश के बाकी हिस्सों तक मानसून कितनी तेजी से पहुंचता है.