निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बजट, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान.. इन शहरों को होगा लाभ

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि पिछले 12 साल में सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है, वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है, लगातार विकास सुनिश्चित किया है और महंगाई को कम रखा है. यह सभी मुश्किल समय में लिए गए सोच-समझकर फैसलों का नतीजा है

Kisan India
नोएडा | Updated On: 1 Feb, 2026 | 12:00 PM

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में बजट 2026-27 पेश किया. इससे पहले उन्होंने बजट की कॉपी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी थी. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो एक रिकॉर्ड है.देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में वह इतिहास रच रही हैं. इस साल बजट रविवार को पेश होना भी खास है. लोगों की बजट से उम्मीदें बड़ी हैं. मिडिल क्लास से लेकर बिजनेसमैन तक महंगाई में राहत की उम्मीद कर रहे हैं. दाल, तेल, चावल, सब्जियां, दवाइयां और बिजली-पानी जैसी रोजमर्रा की जरूरतों पर टैक्स कम होने की संभावना है, जिससे घर का खर्चा कम होगा और आम आदमी की जेब में पैसे बचेंगे. साथ ही सरकार टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और इसे आसान बनाने पर भी फोकस कर सकती है. वहीं, किसानों को भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं.

Budget 2026 Live Updates:

  • सीतारमण ने 1,500 स्कूलों और 500 कॉलेजों में ABGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसके अलावा, केंद्र 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाने और इंडस्ट्री कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की योजना बना रहा है.
  • निर्मला सीतारमण ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि यात्रियों के लिए तेज, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल सफर सुनिश्चित किया जा सके. ये कॉरिडोर मुख्य शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़े रखेंगे, यात्रा का समय घटाएंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देंगे. प्रस्तावित रूट हैं: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बैंगलोर, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बैंगलोर, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी. इन कॉरिडोरों से भारत के वित्तीय, तकनीकी, निर्माण और उभरते शहरों को तेज और हरित परिवहन से जोड़ा जाएगा.
  • फाइनेंस मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार का कैपिटल खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये होगा. इसका मुख्य ध्यान 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों पर रहेगा, जो अब विकास के नए केंद्र बन गए हैं. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत खर्च 2014-15 में 2 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गया. अगले साल इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाकर विकास की रफ्तार को बनाए रखा जाएगा.
  • सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का नया SME ग्रोथ फंड पेश करने का प्रस्ताव रखा है. इसका मकसद छोटे और मध्यम व्यवसायों को बढ़ावा देना और नए रोजगार पैदा करना है. इस फंड के जरिए योग्य व्यवसायों को कुछ तय नियमों के अनुसार मदद और प्रोत्साहन मिलेगा.
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के लिए योजना शुरू की गई थी. अब सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की योजना बना रही है.
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम पेश किया है, जिसका मकसद आत्मनिर्भरता, आधुनिकरण और रोजगार बढ़ाना है. इसमें नेशनल फाइबर स्कीम (प्राकृतिक और मैन-मेड फाइबर में आत्मनिर्भरता), टेक्सटाइल एक्सपैंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम (क्लस्टर्स का आधुनिकीकरण और मशीनरी-सहायता), और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम (बुनकरों और कारीगरों के लिए मदद) शामिल हैं. यह पैकेज MSME-आधारित टेक्सटाइल इकोसिस्टम को मजबूत करके रोजगार और निर्यात बढ़ाने में मदद करेगा.
  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और जरूरी आयात कम किया. साथ ही, सरकार ने रोजगार, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की क्षमता और लोगों को बुनियादी सेवाएं देने के लिए सुधार किए. इन प्रयासों से लगभग 7 फीसदी विकास दर मिली और गरीबी कम करने में मदद हुई.

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Published: 1 Feb, 2026 | 11:16 AM

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