तेलंगाना में बारिश से आम सहित इन फसलों को पहुंचा नुकसान, सर्वे का काम शुरू.. IMD का अलर्ट
तेलंगाना में हाल की बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों और आम के बागानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. निझामाबाद, मेडक और सिद्धिपेट जिलों में किसानों की चिंता बढ़ गई है. IMD ने येलो अलर्ट जारी किया है और राज्य सरकार ने नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
Weather Updates: उत्तर तेलंगाना के निजामाबाद और कामारैड्डी जिलों में हाल के दो दिनों में बेमौसम बारिश और ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में रबी फसल की कटाई से पहले किसानों की चिंता बढ़ गई है. कहा रहा है कि बीते दो दिनों के अंदर राज्य के कई इलाकों में बारिश हुई और अधिकारियों ने आम, धान, मक्का और अन्य फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दी. मौसम अस्थिर रहने के कारण कई मंडलों में अलर्ट भी जारी किया गया है.
डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, मेडक जिले के कुछ हिस्सों में फसलें और आम के बागानों को भी नुकसान हुआ है. आम उत्पादक, जो आम सुखाकर निझामाबाद मार्केट यार्ड में बेचने ले जाते हैं, ने कई गांवों में बारिश से फलों के खराब होने की बात बताई है. संगारेड्डी और मेडक जिला के किसानों ने कहा कि बारिश ने खड़ी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है.
मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है
कटाई से कुछ ही हफ्ते पहले, निझामाबाद और अखंड मेडक जिलों में ओलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे किसान अपने नुकसान को लेकर चिंतित हैं. मौसम विभाग (IMD) ने हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए फसल नुकसान का सर्वे शुरू कर मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया
बंसवाड़ा के किसान बलराज ने कहा कि बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ खेत की फसल ही नहीं, बल्कि आम के बाग, सब्जियां और मक्का भी खराब हुए हैं. कृषि और बागवानी विभाग को तुरंत नुकसान का आकलन करना चाहिए. कृषि विभाग के अधिकारी फसल नुकसान का प्राथमिक डेटा एकत्र कर रहे हैं. हालांकि, कुछ किसानों ने कहा कि बेमौसमी बारिश ने आंशिक राहत दी, क्योंकि रबी की फसल लगभग कटाई के करीब थी. कुछ का मानना है कि फरवरी के अंत में अचानक हुई बारिश से उनकी फसलों पर खास असर नहीं पड़ा.
चंदेम्पेट में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई
वहीं, नलगोंडा जिले के चंदेम्पेट में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. सिद्धिपेट जिले के तोगुता मंडल में भी भारी बारिश से मक्का और आम की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. खास बात यह है कि घनापुर और वेंकटराओपेट गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. इन गांवों के किसानों का कहना है कि हर साल ऐसी बेमौसमी बारिश से फसलें नुकसान झेलती हैं और उन्होंने अधिकारियों से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.
कुछ जिलों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है
इसी बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), हैदराबाद ने पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है और हैदराबाद सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी में बने मौसम प्रणाली के मजबूत होने की वजह से यह बारिश की चेतावनी दी गई है. IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बने सतही सिस्टम के मजबूत होने से दक्षिण भारत की तरफ नमी भरी हवाएं आएंगी. इसके असर से राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि कुछ जिलों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है.
रात में बारिश तेज होने की संभावना है
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र होते हुए कर्नाटक और तमिलनाडु तक फैला सतही ट्रफ भी बारिश की गतिविधियों को और बढ़ाएगा. हैदराबाद में सुबह के समय आकाश आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा, जबकि दिन या रात में बारिश तेज होने की संभावना है.