खराब मौसम का अलर्ट देने के लिए 826 वेदर स्टेशन बनाने की घोषणा, ग्राम पंचायतों में लगेगी मौसम डिवाइस  

Uttar Pradesh Weather Station under Winds Scheme : वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम (विंड्स) योजना की प्रगति पर यूपी के कृषि मंत्री ने पहले चरण के वेदर स्टेशन बनाने का काम 30 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं. योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रभावी लाभ पहुंचाने के लिए होगा मौसम सूचना तंत्र मजबूत करना है.

नोएडा | Updated On: 8 Apr, 2026 | 04:26 PM

Weather information and Network Data System (WINDS) : खराब मौसम के चलते फसलों को होने वाले नुकसान और किसानों को आर्थिक चोट से बचाने के लिए सटीक और तेज मौसम अपडेट के लिए उत्तर प्रदेश में 826 एडवांस वेदर स्टेशन लगाने को मंजूरी दी गई है. विण्ड्स योजना के तहत प्रदेश भर में 57,702 ऑटोमेटिक रेन गेज उपकरण भी लगाए जाएंगे. राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को 30 मई तक पहले चरण का वेदर स्टेशन बनाने का काम पूरा करने का अल्टीमेट दिया है.

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मौसम संबंधी सटीक आंकड़े पाने के लिए ‘वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम’ (विंड्स) योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है. योजना का उद्देश्य मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे फसल बीमा पोर्टल से जोड़ना है, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को होने वाली क्षति का आकलन कर उन्हें त्वरित गति से क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके.

कृषि मंत्री ने 30 मई से पहले वेदर स्टेशन पूरा करने का अल्टीमेटम दिया

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों और स्काईमेट वेदर सर्विसेज कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की. कृषि मंत्री ने कंपनी को सख्त हिदायत दी कि वह पहले चरण के काम को प्रत्येक दशा में 30 मई 2026 से पहले पूरा करें. इस चरण के दौरान 86 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) तथा 11846 ऑटोमेटिक रेन गेज (एआरजी) लगाए जाने हैं. उन्होंने कहा कि किसानों के हित में इस परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी.

लखनऊ समेत कई जिलों में पहले चरण का काम पूरा

योजना के तहत प्रदेश के विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में आधुनिक मौसम उपकरण लगाए जा रहे हैं. प्रदेश में कुल 826 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) ब्लॉक स्तर पर और 57,702 ऑटोमैटिक रेन गेज (एआरजी) ग्राम पंचायत स्तर पर करने का लक्ष्य है. वर्तमान में क्लस्टर-1 के अंतर्गत आने वाले 39 जनपदों में स्काईमेट वेदर सर्विसेज की ओर से सर्वेक्षण किया जा रहा है. जनपद गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर में 13 ऑटोमैटिक रेन गेज का कार्य पूर्ण भी किया जा चुका है.

मौसम डाटा का इस्तेमाल कृषि नुकसान घटाने में किया जाएगा

विण्ड्स पोर्टल के माध्यम से संकलित डाटा का इस्तेमाल सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि एडवाइजरी और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए निशुल्क करेगी. योजना के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 60 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है. विभाग द्वारा क्लस्टर-1 में कार्यरत कंपनी को अब तक राज्यांश के रूप में 9.77 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त केंद्र की ओर से मिले 88.02 करोड़ रुपये भी 24 मार्च 2026 को कंपनी को भुगतान किए जा चुके हैं.

Published: 8 Apr, 2026 | 04:22 PM

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