फलों-सब्जियों को सुखाकर बेच रहे अभिषेक, कृषि की पढ़ाई कर शुरू किया कारोबार.. मुनाफा 8 लाख रुपये
अभिषेक जायसवाल ने कहा कि उद्यानिकी विभाग के जरिए उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत करने का निर्णय लिया. योजना में उन्होंने बैंक से प्राप्त राशि से डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की. इस यूनिट में वह प्याज, केला समेत अन्य फलों और सब्जियों के डिहाइड्रेट प्रोडक्ट तैयार करते हैं.
मध्य प्रदेश के अभिषेक जायसवाल ने एग्रीकल्चर से स्नातक करने के बाद खुद का कारोबार शुरू करने की ठानी और इस दिशा में सफलता पाई है. वह प्याज, केला समेत अन्य फलों, हरी सब्जियों, हल्दी-मेथी जैसे मसालों को आधुनिक मशीनों में सुखाकर उनके उत्पाद बनाकर बेच रहे हैं. वह सालाना लगभग 8 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हासिल कर रहे हैं, जबकि टोटल कमाई इससे लगभग दोगुनी है.
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल ने सफलता का नया उदाहरण पेश किया है. उन्होंने योजना की मदद से ट्रेनिंग और अनुदान के साथ लोन राशि हासिल कर डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की है. इस यूनिट में वह कई तरह के फलों, सब्जियों और मसालों को तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल से सुखाकर उनके उत्पाद बनाकर सप्लाई करते हैं. उनके काम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सराहा है.
एग्रीकल्चर में एमबीए करने के बाद लगाई यूनिट, लोगों को रोजगार दिया
मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के अनुसार बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल ने एग्रीकल्चर बीएससी तथा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है. शुरू से ही कृषि से जुड़े परिवार से होने के चलते अभिषेक की कृषि से संबंधित काम करने की रूचि थी, उन्होंने उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेकर डिहाइड्रेट यूनिट को लगाया और मात्र 4 महीने में मोटी कमाई हासिल कर ली है. डिहाइड्रेटेड यूनिट लगाने के बाद वर्तमान में वह 5 से 6 लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
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अभिषेक को कैसे मिला योजना का लाभ
अभिषेक जायसवाल ने कहा कि उद्यानिकी विभाग के जरिए उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत करने का निर्णय लिया. योजना में उन्होंने बैंक से प्राप्त सहायता राशि से अक्टूबर 2025 में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की. इस यूनिट में मुख्य रूप से प्याज, केला के डिहाइड्रेट उत्पादों को तैयार करते हैं.
क्या होती है डिहाइड्रेट यूनिट
डिहाइड्रेशन यूनिट एक ऐसी प्रोसेसिंग यूनिट है, जिसमें फल और सब्जियों जैसे प्याज, केला, हल्दी के साथ ही पत्तेदार सब्जियों की नमी हटाकर उन्हें सुखाया जाता है. यह प्रक्रिया जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और उन्हें फ्लेक्स, चिप्स या पाउडर के रूप में इस्तेमाल लायक बनाती है. डिहाइड्रेशन के चलते उत्पाद लम्बे समय तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे भंडारण और परिवहन आसान और कम खर्चीला हो जाता है. सही तकनीक से सुखाने पर उत्पाद का रंग, स्वाद और पोषण तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं.
फलों, सब्जियों को सुखाने की प्रक्रिया क्या है
अभिषेक जायसवाल ने कहा कि यूनिट में प्याज को डिहाइड्रेट करने के लिए पहले उसका छिलका हटाकर अच्छे से साफ कर कटर मशीन से 1 एमएम के स्लाइस बनाए जाते हैं. इन स्लाइसों को क्रेट में भरकर इलेक्ट्रॉनिक ड्रायर में निर्धारित तापमान पर लगभग 10 घंटे रखा जाता है, जिससे डिहाइड्रेटेड उत्पाद तैयार होता है. वहीं, पाउडर बनाने के लिए स्लाइस को पल्वराइजर मशीन में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है और वाइब्रो फिल्टर से छाना जाता है. वहीं केले को डिहाइड्रेट करने के लिए करीबन 60 डिग्री तापमान पर लगभग 8 घंटे तक ड्रायर में रखा जाता है. इसी प्रकार हल्दी, मैथी एवं अन्य उत्पादों के लिए भी लगभग समान प्रक्रिया अपनाई जाती है.
हर महीने 60 हजार का मुनाफा, कुल कमाई दोगुनी से भी ज्यादा
अभिषेक जायसवाल अपनी यूनिट में हर महीने लगभग 5-6 क्विंटल उत्पादन करके उसकी बिक्री कर लेते हैं. इससे उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये हर महीने शुद्ध मुनाफा होता है. इस तरह वह सालाना लगभग 8 लाख का मुनाफा हासिल करते हैं, जबकि टोटल आमदनी दोगुनी से भी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि अपनी यूनिट का प्रोडक्शन भी बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं और वर्तमान में 6 लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
अभिषेक जायसवाल की मेहनत को सरकार ने भी सराहा है.
देशभर से आ रहे ऑर्डर, ऑनलाइन बिक्री भी शुरू कर रहे
अभिषेक जायसवाल ने कहा कि उत्पादों की पैकेजिंग 30 और 50 किलो के पैकेट में की जाती है. इसके लिए पैकिंग बैग में सामग्री भरकर पैकेजिंग मशीन से सील कर ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है. ग्राहकों द्वारा इन डिहाइड्रेट उत्पादों को पसंद किया जा रहा है। नियमित ग्राहक के साथ-साथ मांग अनुसार पैकेट्स भी तैयार किए जाते हैं. अभिषेक के उत्पादों की बिक्री बुरहानपुर जिले के साथ-साथ इंदौर, मुंबई सहित अन्य शहरों में भी हो रही है. आने वाले समय में वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं.