भारत ने पाकिस्तान से आने वाले माल के आयात पर प्रतिबंध लगा रखा है. लेकिन, तस्कर पाकिस्तानी खजूर को दुबई का बताकर भारत में सप्लाई कराने की कोशिश में थे. 364 लाख मीट्रिक टन खजूर को गुजरात के कांडला बंदरगाह तक पहुंचा दिया, लेकिन राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) इस कोशिश को नाकाम कर दिया है. बंदरगाह से पकड़े गए सूखे खजूर की बाजार कीमत 3 करोड़ रुपये बताई गई है. इस खजूर को देश के अन्य हिस्सों में खपाने की तैयारी थी. इससे पहले आयुर्वेद दवाओं में इस्तेमाल होने वाली पाकिस्तानी गुग्गुल राल को खपाने की कोशिश नाकाम की गई थी और भारी मात्रा में इसे जब्त किया गया था. मामले में 2 तस्करों की गिरफ्तारी की गई है.
13 कंटेनर में भरा 3 करोड़ मूल्य का पाकिस्तानी खजूर जब्त
पाकिस्तान से आयात पर भारत के लगाए गए प्रतिबंध को दरकिनार करने के प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसमें पाकिस्तान से आयातित वस्तुओं को तीसरे देशों के माध्यम से गुप्त रूप से भेज कर उनके बारे में गलत जानकारी दी जा रही थी. इस अभियान के परिणामस्वरूप 3 करोड़ रुपये मूल्य की 364 मिलियन टन सूखा खजूर जब्त किया गया, जो पाकिस्तान से आयात किया गया था.
वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार खफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियान में डीआरआई के अधिकारियों ने कांडला बंदरगाह पर आयातित 364 मिलियन टन सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनरों को जब्त किया, जिनकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है. जांच में पता चला कि खजूर संयुक्त अरब अमीरात से आया हुआ बताया गया था, जबकि असल में पाकिस्तान से आया था.
दुबई का बताकर भारत लाया गया खजूर
जांच से पता चला कि खजूर को पहले पाकिस्तान से दुबई ले जाया गया और फिर उसे दूसरे कंटेनरों में ट्रांसफर करके भारत निर्यात किया गया. आयातकों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान से आयातित माल के आयात पर लगे भारत के प्रतिबंध से बचने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और खजूर के मूल देश के बारे में गलत जानकारी दी. इसके चलते सीमा शुल्क अधिनियम 1962 की संबंधित धाराओं के तहत पूरी खेप जब्त कर ली गई है.
पाकिस्तानी गुग्गुल राल भी पकड़ी जा चुकी
पिछले सप्ताह डीआरआई के अधिकारियों ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर लगभग 1.4 करोड़ रुपये मूल्य के लगभग 14 मिलियन टन पाकिस्तानी गुग्गुल राल के आयात के प्रयास का पर्दाफाश किया था. गुग्गुल राल के इस खेप को सोमालिया से उत्पन्न प्राकृतिक राल के रूप में गलत तरीके से घोषित किया गया था और दुबई के रास्ते भेजा गया था. इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है.
भारत और पाकिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में पाई जाने वाली गुग्गुल राल (कॉमिफोरा राल) प्रजाति को सीआईटीईईएस परिशिष्ट II में सूचीबद्ध किया गया है और आईयूसीएन की रेड लिस्ट में इसे ‘अत्यंत संकटग्रस्त’ श्रेणी में रखा गया है. जांच में पता चला कि खेप में गुग्गुल राल थी, जो पाकिस्तान से आई थी और जाली दस्तावेजों का उपयोग करके इसे दूसरे देश में भेजा गया था. इस साजिश में शामिल दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.
अवैध अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क पर निगरानी बढ़ी
डीजीएफटी अधिसूचना संख्या के अनुसार पाकिस्तान से उत्पन्न या निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन प्रतिबंधित है. दोनों मामलों में आयात उक्त प्रतिबंध का उल्लंघन पाया गया. ये सफल अभियान बताते हैं कि तस्करी, सीमा शुल्क धोखाधड़ी और अन्य प्रकार के अवैध अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में संलग्न संगठित नेटवर्क की पहचान करने, उन्हें रोकने और समाप्त करने के लिए डीआरआई निरंतर प्रयास कर रहा है.