गांजा की खेती को कानूनी मान्यता मिली, बंजर जमीन पर औषधीय उपयोग के लिए उगाया जाएगा मैरिजुआना

Cannabis Cultivation : गंडकी विधानसभा में बोलते हुए मंत्री यशोधा रिमल ने कहा कि प्रांत की भौगोलिक स्थिति और मौसम इसे गांजा की खेती के लिए उपयुक्त बनाते हैं. बंजर जमीन पर गांजा की खेती की अनुमति दी जाएगी और इसके लिए कई सख्त नियम भी बनाए गए हैं.

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नोएडा | Updated On: 5 Aug, 2026 | 03:48 PM

Ganja Ki Kheti Ka Licence: नेपाल की एक प्रांतीय सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद औषधीय उपयोग के लिए गांजे की खेती और उसके इस्तेमाल को वैध कर दिया है. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार गंडकी प्रांत प्रमुख के कार्यालय के प्रवक्ता प्रबीन पौड्याल ने बताया कि इस संबंध में पारित विधेयक को प्रांत प्रमुख की मंजूरी मिलने के बाद सोमवार से यह प्रभावी हो गया. उन्होंने कहा कि इसके तहत औषधीय उपयोग के लिए गांजे की खेती और उसके इस्तेमाल की अनुमति दी गई है. खेती के लिए राज्य के सभी जिलों में बंजर पड़ी जमीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

नेपाल के गंडकी राज्य ने गांजा की खेती को लीगल किया

नेपाल के गंडकी प्रांत की असेंबली ने गुरुवार को एकमत से एक बिल पास कर दिया, जिससे दवा और इंडस्ट्रियल कामों के लिए मैरिजुआना यानी गांजा की खेती को लीगल कर दिया गया है. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इस फैसले के साथ ही प्रांत में कैनेबिस की रेगुलेटेड खेती और कमर्शियल प्रोडक्शन का रास्ता साफ हो गया है. “मेडिकल और इंडस्ट्रियल मकसद के लिए मारिजुआना की खेती के रेगुलेशन के मैनेजमेंट से जुड़ा बिल गंडकी प्रांत की इंडस्ट्री और टूरिज्म मिनिस्टर यशोदा रिमल ने पेश किया. सदन में पेश किए जाने से पहले इस पर प्रांतीय विधानसभा की फाइनेंस और डेवलपमेंट कमिटी में चर्चा और संशोधन हुए थे.

असेंबली स्पीकर ने संशोधनों के बाद मंजूरी दी

बिल के पास होने की घोषणा करते हुए गंडकी प्रांत असेंबली के स्पीकर कृष्ण प्रसाद धीतल ने कहा कि सभी प्रस्तावित संशोधनों को एकमत से मंजूरी दे दी गई है. इस कानून के तहत गंडकी प्रांत में एक रेगुलेटेड फ्रेमवर्क के तहत दवा और इंडस्ट्रियल सामान बनाने के लिए मैरिजुआना की खेती की इजाजत दी गई है. हालांकि, खेती की इजाजत सिर्फ उन इलाकों में होगी जिन्हें राज्य सरकार ने तय किया है और इसके लिए पहले से मंजूरी और कड़ी सरकारी निगरानी की जरूरत होगी.

राज्य में गांजा की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु

विधानसभा में बोलते हुए मंत्री यशोधा रिमल ने कहा कि प्रांत की भौगोलिक स्थिति और मौसम इसे कैनेबिस की खेती के लिए उपयुक्त बनाते हैं. रिमल ने कहा कि गंडकी प्रांत की जगह और मौसम मारिजुआना की खेती और प्रोडक्शन के लिए सही हैं. गांजा की खेती भी कई तरीकों से की जा रही है. इसमें लगातार प्रोडक्शन के साथ क्लाइमेट चेंज की बहुत ज्यादा चर्चा में रही और उभरती चुनौती के हिसाब से ढलने की क्षमता है और प्रोडक्शन के दौरान ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती.

बंजर जमीन पर भी की जाएगी मैरिजुआना की खेती

उन्होंने कहा कि राज्य में अभी जहां जमीनें बंजर पड़ी हैं, वहां गांजा की खेती की जाएगी. यह एक सुरक्षित फसल है, क्योंकि बंदर फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं. इसके अलावा पेस्टिसाइड की कोई जरूरत नहीं है. यह एक ऐसा पौधा है जिसे ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जा सकता है, जो प्रांत के सभी 11 जिलों में उगाने के लिए सही है.

गलत इस्तेमाल से बचने के खेती के नियम भी सख्त किए गए

नए कानून के तहत उगाए गए मारिजुआना में टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (THC) की मात्रा तीन परसेंट से कम होनी चाहिए. कानून के मुताबिक खेती सिर्फ तय इलाकों में ही हो सकती है, जो राज्य सरकार की सीधी निगरानी में हो. मारिजुआना की खेती करने वाले लोगों और संगठनों को पहले मंजूरी लेनी होगी. बिल में कैनेबिस प्रोडक्ट की बिक्री या इस्तेमाल से पहले केमिकल टेस्टिंग जरूरी करने का भी प्रावधान है, जिसमें राज्य सरकार को टेस्टिंग के लिए लैब बनाने या संबंधित संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की इजाजत है. मंत्री के अनुसार, इस कानून में मारिजुआना के गलत इस्तेमाल की रोकथाम, इलाज और रिहैबिलिटेशन सेवाओं से जुड़े नियम भी शामिल हैं.

1976 से गांजा की खेती पर लगा है बैन

नेपाल ने 1976 में मारिजुआना के पर्सनल इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगा दी थी. मौजूदा कानूनों के तहत कैनेबिस से जुड़े अपराधों में एक महीने से लेकर 10 साल तक की जेल हो सकती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसमें कितनी मात्रा शामिल है. हालांकि नेपाल का गृह मंत्रालय खास हालात में सीमित इस्तेमाल को रेगुलेट करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर पर काम कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई फॉर्मल फ्रेमवर्क लागू नहीं किया गया है.

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Published: 5 Aug, 2026 | 03:48 PM

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