गेहूं और सरसों के खेत में गांजे की खेती, पुलिस की बड़ी कार्रवाई.. हजारों पौधे किए गए नष्ट

नीमच जिले में पुलिस ने ड्रोन और मुखबिरों की मदद से गेहूं और सरसों के खेतों में अवैध गांजे की खेती का खुलासा किया. तीन छापेमारियों में 33 हजार पौधे बरामद हुए. अधिकारियों ने अवैध गांजा उगाने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 28 Dec, 2025 | 09:09 AM

मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिला नीमच में पुलिस ने ड्रोन की मदद से गेहूं और सरसों के खेतों में की जा रही अवैध गांजे की खेती का खुलासा किया है. यह कार्रवाई दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में की गई. पुलिस अधीक्षक अंकित कुमार जायसवाल के अनुसार, कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र में पिछले 21 दिनों के दौरान ड्रोन की सहायता से तीन अलग-अलग छापेमारी की गई. इन कार्रवाइयों में करीब 33 हजार हरे गांजे के पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 7  क्विंटल से अधिक है.

मीडिया रिपोर्ट  के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि ये गांजे के पौधे गेहूं और सरसों  की फसलों के बीच उगाए गए थे. अवैध गांजा खेती का पता लगाने के लिए पुलिस मुखबिरों के साथ-साथ ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, खासकर दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नीमच में खेतों के चारों ओर पत्थर की दीवारें बनाने की परंपरा है, जिससे बाहर से देखने पर गांजे की खेती पकड़ में नहीं आती.

21 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग मौकों पर छापेमारी की गई

उन्होंने कहा कि अवैध गांजा उगाने में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. राजस्थान से सटा नीमच जिला देशभर में अफीम की खेती के लिए जाना जाता है. यहां नशीले पदार्थों के भंडारण, अवैध कारोबार और तस्करी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं. खास बात यह है कि इस सघन अभियान के तहत दिसंबर में 21 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग मौकों पर छापेमारी की गई. इन कार्रवाइयों में पुलिस ने करीब 33 हजार हरे गांजे के पौधे नष्ट किए. जब्त किए गए पौधों का कुल वजन 7.65 क्विंटल है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है.

इतने हजार गांजे के पौधे जब्त और अब होगी कार्रवाई

पहली कार्रवाई 5 दिसंबर को ग्राम श्योपुरिया चक्की वाले इलाके में की गई, जहां सर्वे नंबर 108 की जमीन से करीब 15 हजार गांजे के पौधे मिले. दूसरी कार्रवाई 22 दिसंबर को आमद-रगसपुरिया (अमरगढ़) रोड पर पत्थरों की मेड़ वाले खेत में हुई, जहां से 10 हजार पौधे जब्त किए गए. तीसरी कार्रवाई शुक्रवार को शिवपुरिया मंदिर के पास जंगल से सटे खेतों में की गई, जहां करीब 8 हजार गांजे के पौधे बरामद हुए. पुलिस ने इन खेतों के सर्वे नंबर के आधार पर अब राजस्व विभाग से जमीन मालिकों के नाम और रिकॉर्ड मांगे हैं, ताकि एनडीपीएस एक्ट के तहत भू-स्वामियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके. इस अभियान में थाना प्रभारी भीम सिंह सिसोदिया सहित कुकड़ेश्वर, मनासा और रामपुरा थाना पुलिस की अहम भूमिका रही.

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Published: 28 Dec, 2025 | 09:08 AM
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