Ladli Behna Yojana: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना से लाडली बहना योजना योजना की 33वीं किस्त (33rd installment) जारी की. सिंगल क्लिक के माध्यम से सरकार ने 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में करीब 1,836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इस किस्त के तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को 1500 रुपये की सहायता राशि दी गई है. कई महिलाओं के लिए यह राशि घरेलू बजट संभालने में बड़ी मदद साबित हो रही है. कोई इससे रसोई का खर्च पूरा कर रही है, तो कोई बच्चों की पढ़ाई या छोटी-मोटी जरूरतों पर खर्च कर रही है. वहीं, नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है. खास बात यह है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है. गांव हो या शहर, इस योजना से जुड़ी महिलाएं हर महीने मिलने वाली राशि से अपने छोटे-मोटे खर्च आसानी से पूरा कर पा रही हैं.
घर बैठे आसानी से चेक कर सकते हैं पैसा
कई बार बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि महिलाएं घर बैठे ही अपने मोबाइल से भुगतान का स्टेटस देख सकती हैं. योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर आवेदन और भुगतान की स्थिति का विकल्प चुनने पर पूरी जानकारी मिल जाती है. समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करने और ओटीपी भरने के बाद स्क्रीन पर भुगतान से जुड़ी जानकारी दिखाई देती है. इस आसान प्रक्रिया की वजह से महिलाओं को लंबी लाइन में लगने की परेशानी से राहत मिल रही है. डिजिटल तरीके से जानकारी मिलने से योजना का लाभ और भी आसान हो गया है.
आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ते कदम
लाडली बहना योजना का मकसद सिर्फ हर महीने पैसे देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. गांवों में इस योजना का असर साफ दिखाई दे रहा है. कई महिलाएं अब छोटी बचत करने लगी हैं और परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है. सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत बनेंगे. यही वजह है कि यह योजना लगातार जारी रखी जा रही है और हर महीने समय पर किस्त दी जा रही है.
दूसरी योजनाओं से भी मिल रहा सहारा
राज्य में महिलाओं और बेटियों के लिए अन्य योजनाएं भी चलाई जा रही हैं. इनमें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी शामिल है, जिसके तहत बेटियों के विवाह के लिए सरकार 55,000 रुपये तक की सहायता देती है. ऐसी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही हैं. सरकार का प्रयास है कि महिलाओं और बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिले. इसी दिशा में अलग-अलग योजनाओं के जरिए मदद पहुंचाई जा रही है.