मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के किसानों को लाभ देने के लिए कवच योजना को मंजूरी दे दी है. यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद नहीं मिल रही है. राज्य सरकार ने अपेक्स और सहकारी बैंकों को किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 50 करोड़ का फंड बनाने के निर्देश दिए हैं और खुद 25 करोड़ देने की घोषणा की है. यह राशि किसानों को कृषि गतिविधियों को जारी रखने के लिए वित्तीय लोन के रूप में दी जाएगी. वहीं, रिहंद सिंचाई परियोजना और मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना के लिए कुल 295 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी गई है. इससे 119 से ज्यादा गांवों की 38 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में होने वाली फसलों को पानी मिल सकेगा.
कैबिनेट फैसलों में कवच योजना को भी मंजूरी मिली
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के विकास और जनकल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी है. महत्वपूर्ण निर्णय में सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों के लिए कवच योजना को मंजूरी देना है. यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. अब ऐसे किसानों को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा.
किसानों के लिए 50 करोड़ का फंड बनाएंगे सहकारी बैंक
कवच योजना के तहत प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों की ओर से अपने स्तर से 50 करोड़ रुपये की सीमा तक की निधि का निर्माण किया जायेगा. राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रुपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी. यह निधि किसानों को लोन के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद मिल सके. वर्तमान में इन 5 हजार किसानों को लोन अकाउंट में गड़बड़ियों के चलते फिर से वित्तीय मदद नहीं मिल पा रही है.
रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना के के लिए 111 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने सिंगरौली की रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना को सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य रिहन्द नदी पर स्थित गोविन्द वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर से जल का उठाकर सिंगरौली, माड़ा, वैढन और जावद तहसील के 119 गांवों में 38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना है.
मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना के लिए 184 करोड़ पास
कैबिनेट ने मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 184 करोड़ 20 लाख रुपये की मंजूरी दी है. मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना लिफ्ट सिंचाई परियोजना है. इस परियोजना का उद्देश्य मंदसौर जिले की 46,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है.