करनाल धान खरीदी घोटाले में बड़ी कार्रवाई, एक और कृषि अधिकारी की हुई गिरफ्तारी.. जांच जारी
गुरुवार को आशा रानी और दीपक सुहाग को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने कहा कि जांच लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है. सबूतों की पड़ताल की जा रही है और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
Haryana News: हरियाणा के करनाल जिले में 2025-26 सीजन के कथित धान खरीद घोटाले में एक नया मामला सामने आया है. पुलिस ने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के एक और अधिकारी को फर्जी गेट पास जारी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी चंदर प्रकाश, घरौंडा मार्केट कमेटी के सचिव हैं. उनके खिलाफ तरावड़ी थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की गई. अदालत में पेश करने के बाद उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, ताकि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा सके. यह जानकारी एसआईटी की प्रमुख एएसपी कांची सिंघल ने दी, जो इस मामले में दर्ज छह में से पांच एफआईआर की जांच कर रही हैं.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले एसआईटी चार अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें करनाल मार्केट कमेटी की पूर्व सचिव आशा रानी, असंध मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण ढांकर, जुंडला मार्केट कमेटी के सचिव दीपक सुहाग और करनाल के पूर्व जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) अनिल कुमार शामिल हैं. सभी आरोपियों को अलग-अलग स्थानीय अदालतों में पेश किया गया था, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया. कृष्ण ढांकर को तीन दिन की रिमांड मिली, जबकि आशा रानी और दीपक सुहाग को दो-दो दिन की रिमांड दी गई. अनिल कुमार को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था.
उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी
गुरुवार को आशा रानी और दीपक सुहाग को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि जांच लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है. सबूतों की पड़ताल की जा रही है और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने यह भी बताया कि एसआईटी वित्तीय रिकॉर्ड और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं. पुलिस के अनुसार, इस संगठित गिरोह की वजह से सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. एसपी बिजारणिया ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से जवाबदेही तय करने और गबन की गई राशि की वसूली के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी है, तो वह आगे आकर साझा करे. उन्होंने साफ कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.