कृषि यंत्रों पर सरकार दे रही है 50 फीसदी तक सब्सिडी, आवेदन करते समय इन दस्तावेजों को रखें साथ

कृषि यंत्र सब्सिडी योजना राज्य सरकार की पहल है, जिसके तहत स्वीकृत कृषि उपकरण  कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाते हैं और खर्च का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है. इससे खेती के काम समय पर पूरे होते हैं, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और लंबी अवधि में उत्पादन लागत कम होती है.

नोएडा | Published: 17 Feb, 2026 | 12:57 PM

Agricultural Equipment Subsidy: देश में खेती अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित हो रही है. खेती में मशीनों के इस्तेमाल से मजदूरी कम होती है, लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने कृषि यंत्र सब्सिडी योजना शुरू की है. इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनें खरीदने पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को जुताई, बुवाई, कटाई और फसल के बाद के कामों के लिए आधुनिक उपकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि उनकी आय और कार्यक्षमता बढ़ सके. फिलहाल यह योजना धौलपुर सहित कुछ चुनिंदा जिलों में लागू है और पात्र किसानों को तय समय सीमा के भीतर आवेदन करने की सलाह दी गई है.

कृषि यंत्र सब्सिडी योजना राज्य सरकार की पहल है, जिसके तहत स्वीकृत कृषि उपकरण  कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाते हैं और खर्च का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है. इससे खेती के काम समय पर पूरे होते हैं, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और लंबी अवधि में उत्पादन लागत कम होती है. स्थानीय कृषि अधिकारियों के अनुसार, धौलपुर जिले में फिलहाल अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन करते समय ये दस्तावेज रखें साथ

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. सबसे अहम शर्त यह है कि किसान के नाम पर रजिस्टर्ड ट्रैक्टर होना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर सब्सिडी वाले कृषि यंत्र ट्रैक्टर से चलाए जाते हैं. योजना के तहत किसान रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, रीपर और मल्टी-क्रॉप थ्रेशर जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी ले सकते हैं. इन मशीनों का उपयोग जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई जैसे कामों में होता है. इनके इस्तेमाल से समय की बचत होती है, काम एकसमान तरीके से होता है और पैदावार बेहतर होती है. पात्र किसानों को उपकरण के प्रकार और सरकारी नियमों के अनुसार 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी. इससे मशीन खरीदने में शुरुआती खर्च कम हो जाता है और छोटे व सीमांत किसान भी आधुनिक तकनीक अपनाने में सक्षम हो पाते हैं.

सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें

किसान इस योजना के लिए दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं. पहला, राज किसान साथी पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. दूसरा, नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, आवेदन करते समय किसान जमाबंदी की कॉपी (भूमि रिकॉर्ड), ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), सॉइल हेल्थ कार्ड, आधार कार्ड और जन आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज अपने साथ रखे. साथ ही, कृषि यंत्र केवल सरकार द्वारा पंजीकृत और अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदने होंगे. इन विक्रेताओं की सूची आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है. बिना पंजीकृत विक्रेता से खरीदे गए उपकरणों पर सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा.

 

 

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