किसानों के हित में शिवराज का बड़ा ऐलान, इस फसल की खेती करने पर मिलेंगे प्रति हेक्टेयर 10 हजार

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारत चावल और गेहूं में आत्मनिर्भर है, लेकिन दलहन में आयात पर निर्भरता बनी हुई है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन चल रहा है. तमिलनाडु में किसानों को बीज, क्लस्टर और डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मदद और दाल मिल स्थापित करने में सहायता मिलेगी.

नोएडा | Updated On: 13 Feb, 2026 | 02:59 PM

Shivraj Singh Chouhan: संसद में सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज भारत चावल उत्पादन में दुनिया में नंबर एक बन चुका है और लगभग 15 करोड़ टन उत्पादन के साथ हम चावल और गेहूं में आत्मनिर्भर हैं. लेकिन दलहन में अभी भी आयात पर निर्भरता बनी हुई है, जिसे बदलना जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को दलहन में भी आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया है. दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पूरे देश में लागू है और इसका प्रारंभिक चरण चल रहा है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में दाल उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, अलग क्लस्टर और डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे. शिवराज ने कहा कि डेमोंस्ट्रेशन के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये तक की मदद दी जाएगी और दलहन की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी.

उन्होंने कहा कि सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग के लिए दाल मिल स्थापित करने में भी सहायता दी जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि राज्य सरकार के साथ मिलकर तमिलनाडु में दाल उत्पादन में बढ़ोतरी कर आत्मनिर्भरता  का लक्ष्य हासिल किया जाएगा. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सिर्फ सत्ता का आनंद लेने के लिए राजनीति नहीं करते, बल्कि देश के पुनर्निर्माण को अपना मुख्य लक्ष्य मानते हैं. हमारी राजनीति का उद्देश्य किसानों का कल्याण, गरीबों की सेवा और आत्मनिर्भर, विकसित भारत का निर्माण है.

किसानों की समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे हैं

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम लगातार किसानों की समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के माध्यम से किसानों के उत्पाद सुरक्षित रखने और कृषि ढांचे को मजबूत बनाने का बड़ा निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि कहा कि हम सब भारत मां के प्रति समर्पित हैं और भेदभाव का कोई सवाल नहीं.

इतने करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी

वहीं, पंजाब का जिक्र करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मैं पंजाब की जनता को दिल से प्रणाम करता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि मोदी सरकार पंजाब की प्रगति और विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. उन्होंने कहा कि पंजाब में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत अब तक 32,014 आवेदन प्राप्त हुए हैं. शुरुआत में 7,425 करोड़ 98 लाख रुपये का लक्ष्य था, लेकिन हमने इसे बढ़ाकर 11,351 करोड़ 54 लाख रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है. इन स्वीकृत परियोजनाओं से किसानों के लिए भंडारण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन  जैसी सुविधाएं बेहतर हुई हैं.

किसान कर सकते हैं अतिरिक्त आमदनी

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि है कि किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बने. इसके लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसान सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा पैदा कर सकता है. उनके मुताबिक, किसान अब अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं और अगर अतिरिक्त बिजली बचती है तो उसे ग्रिड में डालकर देश की सेवा के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं.

10 साल में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दलहन खरीदी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में स्वामीनाथन आयोग ने उत्पादन लागत पर 50 फीसदी लाभ जोड़कर MSP देने की सिफारिश की थी, लेकिन उन्होंने कोर्ट में एफिडेविट देकर इसे लागू करने से मना कर दिया. हमारी सरकार ने इसे लागू किया और किसानों के लिए लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर MSP घोषित किया. कांग्रेस के शासन में खरीद बहुत कम होती थी. उन्होंने कहा कि 10 साल में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दलहन खरीदी  गई. वहीं, मोदी सरकार के नेतृत्व में अब 1 करोड़ 92 लाख मीट्रिक टन दलहन खरीदी जा चुकी है. हम तीन-चार गुना ज्यादा खरीद कर रहे हैं और दोगुने दाम दे रहे हैं, इसलिए किसान आज खुश और संतुष्ट हैं.

 

Published: 13 Feb, 2026 | 02:55 PM

Topics: