किसानों के लिए पल्सेस मिशन पोर्टल ला रहा कृषि मंत्रालय, दालों में आत्मनिर्भरता के लिए मिलेगी हर जानकारी

Pulses Mission Portal: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह खेतों में उन्नत प्रौद्योगिकियों एवं दलहन की नई किस्मों के प्रदर्शन को देखेंगे और किसानों से संवाद करेंगे. वहीं, प्रगतिशील किसानों को नई किस्मों का भी वितरण किया जाएगा. वहीं, कुछ अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 5 Feb, 2026 | 04:47 PM

दलहन किसानों की मदद के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय पल्सेस मिशन पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है. इसके लिए आगामी 7 फरवरी को नेशनल कॉन्फ्रेंस भी होगी और इस दौरान पोर्टल को लॉन्च किया जाएगा. पोर्टल के जरिए किसानों को दलहन उत्पादन की सटीक जानकारी और उनकी उपज को खरीदने के लिए सुविधा दी जाएगी. इसके अलावा भी किसानों को कई तरह की सुविधाओं का लाभ पोर्टल के जरिए मिलेगी.

7 फरवरी को मध्य प्रदेश के सीहोर में नेशनल कॉन्फ्रेंस

देश में दालों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को गति देने के लिए आगामी 7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सिहोर जिले के आमला स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र (फूड लेग्यूम रिसर्च प्लेटफ़ॉर्म – FLRP) में नेशनल कांफ्रेंस होगी.  इसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री भी शामिल होंगे.

दलहन फसलों की नई किस्मों को देखेंगे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह खेतों में उन्नत प्रौद्योगिकियों एवं दलहन की नई किस्मों के प्रदर्शन का अवलोकन करेंगे और किसानों से संवाद करेंगे. वे यहां प्रशासनिक भवन किसान प्रशिक्षण केंद्र और पादप जीनोमिक्स, ऊतक संवर्धन, प्रजनन एवं रोग विज्ञान से संबंधित अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी करेंगे. साथ ही दलहन के उन्नत बीज, उत्पाद एवं तकनीक से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद “दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन” पर राष्ट्रीय परामर्श शुरू होगा.

पल्सेस मिशन पोर्टल को लॉन्च करेंगे कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि मंत्री कार्यक्रम के दौरान 7 फरवरी को पल्सेस मिशन पोर्टल को भी लांच करेंगे. पोर्टल के जरिए किसानों को दलहन उत्पादन की सटीक जानकारी और उनकी उपज को खरीदने के लिए सुविधा दी जाएगी. इसके अलावा भी किसानों को कई तरह की सुविधाओं का लाभ पोर्टल के जरिए मिलेगी. कार्यक्रम में कृषि मंत्री प्रगतिशील किसानों को उन्नत किस्मों के बीजों का प्रतीकात्मक वितरण किया जाएगा. कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान देश में दालों के उत्पादन, MSP, बीज प्रणाली, वैल्यू चेन और किसानों की आय में वृद्धि से जुड़ी सरकार की रणनीति पर विस्तृत संबोधन देंगे. म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन भी होगा.

पंजाब, बिहार समेत कई राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे

इस राष्ट्रीय परामर्श में ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री भाग लेंगे, वहीं पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़ेंगे. ICAR और ICARDA के शीर्ष वैज्ञानिक, NAFED–NCCF, राष्ट्रीय बीज निगम, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), सहकारी संस्थाएं, बीज व प्रसंस्करण क्षेत्र के साथी और प्लांट-बेस्ड फूड सेक्टर के प्रतिनिधि एक प्लेटफॉर्म पर बैठकर नई किस्मों, बीज उत्पादन, रोग प्रबंधन, मशीनीकरण, वैल्यू एडिशन और बाजार से जुड़ाव की ठोस रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे.

भारत को दाल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण मिशन का लक्ष्य है कि भारत दालों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बने, आयात पर निर्भरता कम हो और किसानों को अच्छी उपज के साथ उचित दाम भी सुनिश्चित हो. इस राष्ट्रीय परामर्श में तूर, उड़द, मसूर जैसी प्रमुख दलहनी फसलों पर विशेष ध्यान देते हुए बीज, उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, भंडारण, विपणन और MSP पर समयबद्ध खरीद जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, ताकि खेत से थाली तक पूरी दलहन वैल्यू चेन मजबूत हो सके.

शिवराज सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि इस पहल से न केवल दलहन क्षेत्र को नई दिशा मिले, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और दालों में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मज़बूत करने में भी ऐतिहासिक योगदान हो.

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Published: 5 Feb, 2026 | 04:46 PM

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