हिमाचल प्रदेश में गेहूं खरीद की तारीख का ऐलान, 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेगा भाव
Wheat Procurement Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में गेहूं खरीद प्रक्रिया को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जरिए पूरा होगा. विभाग की ओर से जिलावार खरीद केंद्र बनाए गए हैं. राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सभी किसानों से उनकी पूरी उपज एमएसपी भाव पर खरीद कर ले.
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद का ऐलान कर दिया है. राज्य सरकार ने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद 8 अप्रैल से शुरू की जाएगी. राज्य के किसानों को पिछले साल के एमएसपी से 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर दिया जाएगा. कृषि विभाग की ओर से किसानों से कहा गया है कि अगर वे अपनी उपज एमएसपी भाव पर बेचना चाहते हैं तो उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.
हिमाचल प्रदेश सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद का ऐलान करते हुए तारीख की घोषणा भी कर दी है. सरकारी आदेश में कहा गया है कि राज्य के किसानों से 8 अप्रैल से गेहूं की खरीद की जाएगी. यह खरीद प्रक्रिया 20 जून 2026 तक चलेगी. गेहूं खरीद को लेकर राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों के संचालकों को बारदाना, तौल समेत किसानों को छांव और उपज रखने के लिए जगह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं.
जिलावार खरीद केंद्रों की स्थापना की गई
हिमाचल प्रदेश में गेहूं खरीद प्रक्रिया को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जरिए पूरा होगा. विभाग की ओर से जिलावार खरीद केंद्र बनाए गए हैं. जिला सिरमौर में पांवटा साहिब और धौला कुआं में खरीद केंद्र बनाए गए हैं. इसी तरह अन्य जिलों में खरीद केंद्रों की स्थापना की गई है. राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सभी किसानों से उनकी पूरी उपज एमएसपी भाव पर खरीद कर ले.
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किसानों को 160 रुपये ज्यादा मिलेगा एमएसपी
हिमाचल प्रदेश सरकार गेहूं किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ देगा. राज्य सरकार गेहूं किसानों को 160 रुपये बढ़ाकर एमएसपी दिया जाएगा. केंद्र सरकार की ओर से 2024-25 मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये तय किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विटंल कर दिया गया है.
गेहूं बिक्री के लिए पोर्टल पर कराएं रजिस्ट्रेशन
गेहूं किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए राज्य सरकार के पोर्टल https://hpappp.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना जरूरी होगा. पंजीकरण की प्रक्रिया एक मार्च से शुरू की जा चुकी है. किसान इस पोर्टल पर पंजीकरण खुद कर सकते हैं या फिर नजदीकी लोकमित्र केंद्र/सीएससी के जरिए भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. बिना पंजीकरण के खरीद केंद्रों पर गेहूं की बिक्री संभव नहीं होगी. पंजीकरण के समय किसानों को आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि संबंधित दस्तावेज (जमाबंदी/ततीमा) तथा मोबाइल नंबर ओटीपी सत्यापन के लिए दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करवानी होगी.
अच्छी तरह सुखाकर गेहूं मंडी ले जाएं किसान
राज्य के कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वह अपनी गेहूं की फसल को अच्छी तरह साफ करके और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के हिसाब से ही खरीद केंद्रों पर लेकर जाएं. गेहूं में नमी की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए तथा अनाज में मिट्टी, कंकड़, भूसा आदि की मिलावट नहीं होनी चाहिए. किसान अपनी उपज को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि गुणवत्ता बनी रहे और उन्हें उपज का अधिकतम मूल्य मिल सके.