अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर से भारत को फायदा, अब पहले से बेहतर होगी गैस, उर्वरक सप्लाई

भारतीय पोटाश लिमिटेड (IPL) के मैनेजिंग डायरेक्टर पी एस गहलौत ने कहा कि कंपनी समय पर आयात और राज्यों में कुशल वितरण के जरिए उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए सप्लाई तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. पी एस गहलौत ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर समय पर और सकारात्मक कदम है.

Kisan India
नोएडा | Published: 9 Apr, 2026 | 11:39 AM

Iran-Israel War: आने वाले समय में देश में खादी की उपलब्धता और बेहतर होगी. भारतीय उर्वरक उद्योग ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर से कच्चे माल, गैस और तैयार उर्वरक की सप्लाई धीरे-धीरे बेहतर होगी. साथ ही हॉर्मुज की खाड़ी खुलने से सप्लाई में सुधार देखने को मिल सकता है. लेकिन कीमतों में तुरंत कमी की संभावना कम है. हालांकि,  उद्योग के लिए अप्रैल और मई का समय बेहद अहम है, क्योंकि इस दौरान यूरिया का उत्पादन और स्टॉक बढ़ाना जरूरी है. जून में मॉनसून आने से खरीफ की बुवाई शुरू हो जाएगी.

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक उद्योग अधिकारियों का कहना है कि यह एक स्वागत योग्य कदम है. इससे भारत को कच्चे माल, गैस, फॉस्फोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे इंटरमीडियरी और DAP और यूरीया जैसे तैयार उत्पादों की सप्लाई  में मदद मिलेगी. हालांकि वैश्विक कीमतें अभी कुछ समय तक उच्च बनी रह सकती हैं, लेकिन जैसे ही सप्लाई में सुधार होगा, कीमतों में राहत मिलने लगेगी. हालांकि, कीमतों में गिरावट कितनी होगी, यह कच्चे तेल की कीमतों पर भी निर्भर करेगा.

सप्लाई-चेन में भरोसा मजबूत होगा

भारतीय पोटाश लिमिटेड (IPL) के मैनेजिंग डायरेक्टर पी एस गहलौत ने कहा कि कंपनी समय पर आयात और राज्यों में कुशल वितरण के जरिए उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए सप्लाई तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. पी एस गहलौत ने कहा कि अमेरिका-ईरान  के बीच सीजफायर समय पर और सकारात्मक कदम है. इससे गल्फ से LNG की उपलब्धता बढ़ेगी और खरीफ बुवाई से पहले उर्वरक की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित होगी. चूंकि यूरीया उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस मुख्य कच्चा माल है और भारत काफी हद तक आयातित LNG पर निर्भर है, यह घरेलू उत्पादन को स्थिर करेगा, आयात से जुड़े लागत दबाव को कम करेगा और दामों में अटकलें रोकने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि इस विकास से सब्सिडी पर भी राहत मिलेगी और उर्वरक क्षेत्र की पूरी सप्लाई-चेन में भरोसा मजबूत होगा.2.5

 यूरीया आयात के लिए वैश्विक टेंडर जारी

भारतीय पोटाश लिमिटेड (IPL) ने सरकार की ओर से 4 अप्रैल को 250 लाख टन यूरीया आयात के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया, जो एक ही बार में अब तक का सबसे बड़ा सरकारी टेंडर है. यह टेंडर 15 अप्रैल को खोला जाएगा. इसमें शर्त है कि यूरीया लोड होने के बाद जहाज 15 जून से पहले प्रस्थान कर दें, जिससे भारत को यह खाद 31 जुलाई से पहले मिल सके. सरकार ने बुधवार को यह भी घोषणा की कि यूरीया प्लांट्स  को एलएनजी की आपूर्ति पिछले छह महीने के औसत उपयोग का 95 फीसदी कर दी जाएगी. सोमवार को ही यह बताया गया था कि यूनिट्स अब अपनी एलएनजी जरूरत का 90 फीसदी प्राप्त कर रही हैं.

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