ISMA ने घटाया चीनी उत्पादन का अनुमान, अब 324 लाख टन प्रोडक्शन की है उम्मीद

सरकार ने 20 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है और ISMA ने अनुमान लगाया है कि इस सीजन में 7 लाख टन चीनी निर्यात की जा सकती है. इसके बाद 2026-27 सीजन के लिए देश में 53 लाख टन चीनी स्टॉक के रूप में बची रहेगी.

नोएडा | Updated On: 25 Feb, 2026 | 07:14 PM

Sugar Export: भारतीय शुगर और बायो-एनर्जी निर्माता संघ (ISMA) ने देश में कुल चीनी उत्पादन का अनुमान घटा दिया है. ISMA ने अब 324 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान जारी किया है. हालांकि, ये अनुमान पहले के 343. 5 लाख टन और सरकार के 330 लाख टन के अनुमान से कम है. ISMA ने 2025-26 चीनी सीजन (अक्टूबर-सितंबर) के लिए अपने तीसरे अग्रिम अनुमान जारी किए हैं. इसके अनुसार, कुल उत्पादन 324 लाख टन होगा. जबकि, एथेनॉल के लिए 31 लाख टन डायवर्जन होगा और शुद्ध चीनी उत्पादन 292.9 लाख टन रहेगा.

ISMA ने कहा कि शुद्ध चीनी उत्पादन पिछले साल के 261.2 लाख टन की तुलना में 12 फीसदी ज्यादा होगा. एथेनॉल के लिए डायवर्जन  का अनुमान राज्यों के आधार पर आपूर्ति और शेष सीजन में गन्ना क्रशिंग के आधार पर तय किया गया है. बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में पैदावार कम होने की वजह से चीनी उत्पादन में गिरावट हो सकती है.

इस सीजन में 7 लाख टन चीनी निर्यात की जा सकती है

सरकार ने 20 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है और ISMA ने अनुमान लगाया है कि इस सीजन में 7 लाख टन चीनी निर्यात  की जा सकती है. इसके बाद 2026-27 सीजन के लिए देश में 53 लाख टन चीनी स्टॉक के रूप में बची रहेगी. हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारतीय चीनी की अचानक मांग बढ़ती है, तो सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है. वर्तमान उत्पादन के अनुसार, एथेनॉल और निर्यात के लिए अनुमति के मुताबिक चीनी जाने के बाद देश में 318 लाख टन चीनी उपलब्ध होगी. अगर खपत को 280 लाख टन मान लें, तो 30 सितंबर तक बचा स्टॉक केवल 38 लाख टन रह सकता है, जो केवल पहले दो महीनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा.

ISMA ने फरवरी की शुरुआत में पूरे देश में गन्ना फसल  की स्थिति का आकलन करने के लिए हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया. इन सैटेलाइट चित्रों से यह स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी मिली कि कितनी फसल कट चुकी है, कितनी अभी बाकी है और क्षेत्रीय स्तर पर फसल की प्रगति कैसी है.

इस वजह से ISMA ने उत्पादन का अनुमान घटाया

ISMA ने कहा कि इन निष्कर्षों की पुष्टि विस्तृत फील्ड विजिट, पिछले उत्पादन के रुझानों, मौजूदा मौसम की स्थिति, वर्तमान उपज और शुगर रिकवरी डेटा और शेष क्रशिंग सीजन के दौरान अनुमानित प्रदर्शन के आधार पर की गई. ISMA ने कहा कि अनुमान घटाने का कारण यह है कि उत्तर प्रदेश में गन्ना उपज पहले की अपेक्षा कम रही है. इसका मुख्य कारण राज्य में चल रही वैरायटी बदलने की प्रक्रिया है, जिससे अस्थायी रूप से उत्पादकता पर असर पड़ा. हालांकि, राज्य में शुगर रिकवरी पिछले सीजन की तुलना में ज्यादा रही है.

इसके अलावा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रमुख गन्ना क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर उपज अपेक्षा से कम रही, जबकि शुगर रिकवरी ठीक रही. यह कमी गन्ने के जल्दी फूलने की वजह से हुई, जो जनवरी से कई गन्ना क्षेत्रों में शुरू हो गया, जबकि पहले यह केवल पारंपरिक नदी घाटी क्षेत्रों तक सीमित रहता था.

इस वजह से रह जाता है गन्ने का कम वजन

विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ना जल्दी फूलता है. यह अक्सर असामान्य मौसम और विकास के अहम चरणों में अधिक बारिश की वजह से होता है. इससे गन्ना जल्दी पकता है और पौधों का वजन कम हो जाता है. तने हल्के और कम उत्पादक हो जाते हैं. इसके अलावा, इस साल अधिक क्रशिंग दर के कारण कटाई का समय कम हो गया. इससे गन्ना खेत में पर्याप्त समय तक नहीं रह सका और देर से होने वाली बॉयोमास वृद्धि भी सीमित रही. किसानों का कहना है कि इससे गन्ने की कुल उपज प्रभावित हो सकती है.

Published: 25 Feb, 2026 | 07:06 PM

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