6.91 लाख किसानों को मिले 5462 करोड़ रुपये, सरकार ने बताया रुकी राशि कब जारी होगी

Madhya pradesh Wheat Payment: कैबिनेट मंत्री ने किसानों के हित में गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई. प्रत्येक खरीद केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है. उन्होंने गेहूं खरीद आंकड़ों और किसानों के भुगतान को लेकर अपडेट भी जारी किया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 3 May, 2026 | 01:07 PM

गेहूं खरीद पर आलोचनाओं से घिरी मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को गेहूं का भुगतान तेज करना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही जिन किसानों की खरीद के बाद भी पेमेंट नहीं हो सकी है उन्हें राशि जारी होने की डेडलाइन भी बताई जानी शुरू कर दी गई है. खाद्य एवं रसद आपूर्ति विभाग के अनुसार राज्य के 6.91 लाख किसानों का उनके गेहूं के भुगतान के रूप में 5462 करोड़ रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं.

34 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, 60 लाख टन के लिए स्लॉट बुक

मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मीडिया को बताया है कि अभी तक 6 लाख 91 हजार किसानों से 34 लाख 73 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि अपना लगभग 60 लाख मीट्रिक टन गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री करने के लिए अभी तक 14 लाख 64 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कर लिए हैं.

गेहूं किसानों के लिए कई खरीद नियम बदले

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में गेहूं खरीद की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई. प्रत्येक खरीद केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई और तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया. साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में को बढ़ाया गया है. खाद्य विभाग की ओर से प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं खरीद की मॉनीटरिंग की जा रही है.

किसानों के खातों में भेजे गए 5462 करोड़ रुपये

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 6.91 लाख किसानों को 5462.42 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों की गेहूं खरीद हो चुकी है, लेकिन अभी बिलिंग की प्रक्रिया और उठान नहीं हुआ है उन्हें भुगतान नहीं किया गया है. यह प्रक्रिया 7 दिनों के अंदर पूरी होती है, ऐसे में सभी किसानों को पैसा अगले 1-2 दिनों में उनके बैंक खातों में जारी हो जाएगा.

गेहूं किसानों को दिया जा रहा एमएसपी से ज्यादा भाव

गेहूं किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि दी जा रही है. इस तरह राज्य में किसानों को गेहूं का भाव 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है. उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं.

खरीद केंद्र की व्यवस्थाओं का अपडेट PCSAP पोर्टल पर अपलोड

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिये जरूरी बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है. खरीदे गए गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बैग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है. गेहूं भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई. किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं. खरीद केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं.

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Published: 3 May, 2026 | 01:06 PM
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