Mandi Bhav: टमाटर के रेट में गिरावट से लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान, 6 रुपये किलो हुआ भाव
कर्नाटक के यादगीर जिले में टमाटर की कीमतों में तेज गिरावट से किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं. थोक में 6-7 रुपये में बिक रहे टमाटर, रिटेल में 20 रुपये तक पहुंच रहे हैं. किसानों ने कोल्ड स्टोरेज और रीफर वैन जैसी मदद की मांग की है.
Tomato Price Drop: कर्नाटक में टमाटर की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है. ऐसे में किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. खास बात यह है कि यादगीर जिले में टमाटर की कीमतों में तेज गिरावट कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रही है. इस गिरावट ने कई किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अभी किसान अपना टमाटर थोक में 6 से 7 रुपये प्रति किलोग्राम में बेच रहे हैं, जबकि थोक व्यापारी इसे रिटेलरों को 10 से 15 रुपये में बेचते हैं. रिटेलर बाजार में टमाटर 20 रुपये प्रति किलोग्राम में बेच रहे हैं.
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय किसानों का कहना है कि ज्यादा उत्पादन और कलाबुरगी, रायचूर, महाराष्ट्र और तेलंगाना से भी टमाटर आने के कारण कीमतों में गिरावट आई है. बागवानी विभाग के अनुसार, जिले में रबी मौसम में लगभग 450 एकड़ भूमि में टमाटर की खेती हुई है. खासकर शाहापुर तालुक में किसान अच्छे भाव की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन उन्हें कीमतों में गिरावट से नुकसान हो रहा है.
दो एकड़ जमीन में टमाटर के पौधे लगाए थे
किसान चन्नप्पा ने कहा कि हमने अपनी दो एकड़ जमीन में टमाटर के पौधे लगाए थे. अब बाजार का हाल अच्छा नहीं लग रहा है और शायद हमें अपनी उपज की बिक्री से जो रकम मिलेगी, वह अब तक हुए खर्च का आधा भी नहीं होगी. इस बीच, किसान गर्मी के मौसम की फसल के लिए नए पौधे लगा रहे हैं, जिन्हें लगभग तीन महीने में काटा जाएगा.
इन सब्जियों का क्या है रेट
सब्जी विक्रेता मोहम्मद ने कहा कि टमाटर शादी, होटल और रेस्तरां जैसी जगहों पर बड़े पैमाने पर खाना बनाने में जरूरी होता है, इसलिए शादी के मौसम में इसकी कीमत बढ़ जाती है. वहीं, प्याज, आलू, खीरा, चुकंदर, कद्दू, हरी मिर्च, चना और भिंडी जैसी अन्य सब्जियों की रिटेल बाजार में कीमत 40 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है. यदगीर की निवासी उमादेवी ने कहा कि एक गृहिणी के रूप में मुझे सब्जियों की इतनी कम कीमत देखकर खुशी है, लेकिन मुझे उन किसानों की चिंता है जो टमाटर के लिए बहुत कम दाम पा रहे हैं.
क्या है किसानों की मांग
किसानों के नेता चन्नप्पा अनगुंडी ने सरकार से किसानों की समस्या दूर करने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को ठंडा भंडारण (कोल्ड स्टोरेज) बनाना चाहिए ताकि किसान अपनी उपज कुछ समय तक सुरक्षित रख सकें और अच्छे दाम मिलने पर बेच सकें. इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार किसानों को रीफर वैन उपलब्ध कराए ताकि वे टमाटर को अलग-अलग जगहों पर आसानी से ले जाकर बेच सकें.