Mandi Bhav: प्याज की कीमतों में भारी गिरावट, 500 रुपये क्विंटल हुआ रेट.. किसानों को भारी नुकसान
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत लगभग 1,800 रुपये आती है. ऐसे में जब बाजार भाव 1,000 रुपये या उससे कम हो जाता है, तो किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पाते.
Onion Price Fall: महाराष्ट्र की प्रमुख एपीएमसी मंडियों में पिछले दो हफ्तों में प्याज की आवक अचानक बढ़ गई है, जिससे दाम तेजी से गिर गए हैं. मौजूदा वक्त में कीमतें 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हो गई हैं और औसत भाव करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है. इस गिरावट से प्याज किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और वे आर्थिक संकट में हैं. इसी स्थिति को देखते हुए लासलगांव मार्केट कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर जगताप ने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की है. उन्होंने अपने ज्ञापन में प्याज के निर्यात को फिर से शुरू करने, खासकर बांग्लादेश के लिए बैंक गारंटी सिस्टम बहाल करने और सीमा व्यापार खोलने की बात कही है. साथ ही फिलीपींस, जॉर्डन, यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में निर्यात बढ़ाने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है. यह ज्ञापन केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, एस. जयशंकर, शिवराज सिंह चौहान समेत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा अन्य संबंधित नेताओं को भेजा गया है.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लासलगांव मंडी (मुख्य और उपमंडी) में रोजाना करीब 40,000 से 50,000 क्विंटल प्याज की आवक हो रही है. इस साल नासिक, सोलापुर, अहिल्यानगर समेत कई जिलों में प्याज की खेती बढ़ी है. इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी आवक 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है. ज्यादा सप्लाई और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय मांग के बीच असंतुलन के कारण बाजार भाव तेजी से गिर गए हैं. लासलगांव एपीएमसी में फिलहाल प्याज का न्यूनतम भाव 500 रुपये, अधिकतम 1,485 रुपये और औसत भाव 1,100 रुपये प्रति क्विंटल है. इससे किसानों को प्रति क्विंटल 600 से 700 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
गिरते दामों को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है
हालांकि गिरते दामों को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है, लेकिन सोमवार को नांदगांव एपीएमसी में थोड़ी राहत देखने को मिली. यहां लाल प्याज के दाम करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े. अच्छी क्वालिटी के प्याज को 1,200 रुपये से 1,250 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिला, जिससे किसानों को कुछ समय के लिए राहत मिली. हालांकि दामों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति अभी भी चिंताजनक है. नासिक जिले में 1 जनवरी से 31 जनवरी के बीच प्याज के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई. अधिकतम भाव में करीब 1,151 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव में लगभग 770 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई. जनवरी महीने में किसानों को कुल मिलाकर करीब 269 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.
1,800 रुपये क्विंटल है प्याज उत्पादन लागत
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत लगभग 1,800 रुपये आती है. ऐसे में जब बाजार भाव 1,000 रुपये या उससे कम हो जाता है, तो किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पाते. मंडी तक प्याज लाना भी घाटे का सौदा बन जाता है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को बचाने के लिए कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल की तुरंत सब्सिडी दी जाए. नासिक जिले के किसान तुकाराम भंभुर्डे ने कहा कि उन्होंने इस उम्मीद में खेती में ज्यादा निवेश किया था कि दाम स्थिर रहेंगे, लेकिन अचानक आई गिरावट ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है. 900 रुपये से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने का मतलब सीधा नुकसान है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द निर्यात शुरू नहीं हुआ और सरकारी खरीद नहीं हुई, तो कई किसान कर्ज और आर्थिक संकट में फंस जाएंगे.