Vegetable price hike: मकर संक्रांति त्योहार से पहले बेंगलुरु के लोगों पर महंगाई की मार तेज हो गई है. सब्जियों, फलों, अंडों और मांस के दाम तेजी से बढ़ गए हैं. कई बाजारों में टमाटर और प्याज के दाम दोगुने हो गए हैं, जबकि पत्ता गोभी और फूल गोभी भी काफी महंगी हो गई हैं. त्योहारों की बढ़ती मांग के कारण मांस और अंडे भी अब ज्यादा कीमत पर मिल रहे हैं. वहीं, व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय पैदावार में कमी और पड़ोसी राज्यों से सप्लाई पर निर्भरता के कारण दाम बढ़े हैं. बाजारों में टमाटर 72 रुपये प्रति किलो और प्याज 42 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. वहीं, पिछले महीने 700 रुपये प्रति किलो तक पहुंची सहजन (ड्रमस्टिक) की कीमत अब घटकर 400 रुपये प्रति किलो हो गई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में सिर्फ टमाटर-प्याज ही नहीं, बल्कि करेला, गाजर, मूली और बीन्स जैसी दूसरी सब्जियां भी महंगी हो गई हैं. गाजर के दाम बढ़कर करीब 64 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं, जबकि फ्रेंच बीन्स 135 रुपये प्रति किलो बिक रही है. हालांकि, तमिलनाडु और दूसरे राज्यों से आने वाली मटर अभी थोड़ी सस्ती है और 40 से 50 रुपये प्रति किलो में मिल रही है.
100 रुपये किलो हुआ इलायची केला
त्योहारी सीजन की वजह से अंडे और चिकन के दाम भी बढ़ गए हैं. खुदरा बाजार में अंडा 8 रुपये प्रति पीस हो गया है, जबकि चिकन की कीमत 280 से 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. छुट्टियों से पहले मांग बढ़ने के कारण यह बढ़ोतरी देखी जा रही है. वहीं, सर्दी के मौसम का असर फलों की सप्लाई पर भी पड़ा है. इलायची केला अब 90 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि हरा केला 40 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि संक्रांति नजदीक आने के साथ दाम और बढ़ सकते हैं, क्योंकि स्थानीय पैदावार कम है और सप्लाई तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश से आ रही है.
बेंगलुरु में मौजूदा सब्जियों के दाम
- बीन्स: 48 रुपये किलो
- बैंगन (सफेद): 38 रुपये किलो
- बैंगन (गोल): 28 रुपये किलो
- मोटी मिर्च: 66 रुपये किलो
- बज्जी मिर्च: 63 रुपये किलो
- मूली: 30रुपये किलो
- सहजन (ड्रमस्टिक): 400 रुपये किलो
- फ्रेंच बीन्स: 135 रुपये किलो
- चुकंदर: 46 रुपये किलो
- गाजर (ऊटी): 64 रुपये किलो
- करेला: 54 रुपये किलो
- पत्ता गोभी: 50 रुपये किलो
- फूल गोभी: 50 रुपये किलो
- टमाटर: 72 रुपये किलो
फलों और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों के बढ़ते दाम
विशेषज्ञों के अनुसार, दाम बढ़ने की मुख्य वजह मौसम की मार से फसलों की पैदावार कम होना, छुट्टियों और त्योहारों की बढ़ती मांग, और दूसरे राज्यों से महंगी ढुलाई है. ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे खरीदारी सोच-समझकर करें और जहां संभव हो, थोक बाजारों से सामान लें ताकि बढ़ती महंगाई का असर कुछ हद तक कम किया जा सके. त्योहारों के इस मौसम में सब्जियों, फलों और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों के बढ़ते दामों ने बेंगलुरु के परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है, जिससे रोजमर्रा का खर्च संभालना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है.