गर्मी से दुधारू मवेशी परेशान, घट गया दूध उत्पादन.. अब रोजाना 30 हजार लीटर कम हो रही दूध खरीद

तमिलनाडु के मदुरै जिले में लगातार गर्मी और बारिश की कमी से दूध उत्पादन घट गया है. पिछले एक महीने में आविन की रोजाना दूध खरीद 30 हजार लीटर कम हो गई. किसानों का कहना है कि चारे और पानी की कमी से दुधारू पशु प्रभावित हैं. उन्होंने सरकार से दूध खरीद मूल्य बढ़ाने की भी मांग की है.

नागपुर | Updated On: 7 Aug, 2026 | 07:38 PM

Milk Production: तमिलनाडु के मदुरै जिले के उसिलमपट्टी, चेल्लमपट्टी और सेडापट्टी क्षेत्रों में लगातार गर्म मौसम के कारण डेयरी किसान परेशान हैं. गर्मी का असर दुधारू पशुओं पर पड़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन में काफी कमी आई है. इसका असर राज्य की दुग्ध सहकारी संस्था आविन (Aavin) की दूध खरीद पर भी पड़ा है. पिछले एक महीने में आविन (मदुरै) की रोजाना दूध खरीद करीब 30 हजार लीटर घट गई है.

जानकारी के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में आविन रोजाना करीब 1.70 लाख लीटर दूध खरीद  रही थी, जो 5 अगस्त तक घटकर 1.39 लाख लीटर रह गई. तमिलनाडु मिल्क फार्मर्स एसोसिएशन (मदुरै) के अध्यक्ष एसी वेनमणि चंद्रन ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि पिछले एक सप्ताह में दूध उत्पादन तेजी से कम हुआ है. पहले जो गाय रोज 3 से 4 लीटर दूध देती थी, वह अब केवल 2 से 3 लीटर ही दूध दे रही है.

प्रतिदिन करीब 40 लीटर पानी की जरूरत

उन्होंने कहा कि एक गाय को प्रतिदिन करीब 40 लीटर पानी की जरूरत होती है. किसी तरह पानी की व्यवस्था तो हो रही है, लेकिन घास और चरागाह की कमी से पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है. उन्होंने कहा कि यदि दो दिन भी हल्की बारिश हो जाए तो घास उगने लगेगी, लेकिन फिलहाल सिर्फ बादल छा रहे हैं और बारिश नहीं हो रही. इसके कारण उसिलमपट्टी की एक दुग्ध सहकारी समिति का दूध संग्रह भी घटकर केवल 80 लीटर प्रतिदिन रह गया है.

दूध का खरीद मूल्य 44 रुपये प्रति लीटर

वडीकोविल मिल्क कोऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष वी. गोविंदा पांडियन ने कहा कि पशुपालन  की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए सरकार को दूध खरीद का दाम बढ़ाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में कई डेयरी किसानों ने डेयरी मंत्री से मुलाकात कर खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग की है. किसानों ने याद दिलाया कि टीवीके (TVK) ने चुनाव के दौरान दूध का खरीद मूल्य 44 रुपये प्रति लीटर करने का वादा किया था.

अधिकांश जलाशय सूख गए हैं

जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण इलाके के अधिकांश जलाशय सूख गए  हैं. उसिलमपट्टी और सेडापट्टी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD-WRD) के तहत करीब 66 तालाब हैं, लेकिन ये पूरी तरह बारिश के पानी पर निर्भर हैं. पहले वैगई बांध से नहरों के जरिए इन इलाकों को सिंचाई के लिए पानी मिलता था, लेकिन इस बार बांध में पर्याप्त पानी नहीं होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है. फिलहाल लोगों को पेयजल की आपूर्ति TWAD के जरिए की जा रही है. वहीं, आविन (मदुरै) के अधिकारियों का कहना है कि लगातार गर्म मौसम और चरागाहों की कमी के कारण दुधारू पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा है. यही वजह है कि दूध उत्पादन घटा है और आविन की दूध खरीद में भी कमी आई है.

Published: 7 Aug, 2026 | 10:38 PM

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