पाम ऑयल की खेती से हिचकिचा रहे किसान, नर्सरी में जमा हो रहे अतिरिक्त स्टॉक.. जानें वजह
भारत का खाद्य तेल आयात बढ़ने से विदेशी मुद्रा पर दबाव है. NMEO-OP के तहत तेल पाम खेती बढ़ाने की कोशिश हो रही है, लेकिन नर्सरी और रोपण में असंतुलन से समस्या है. SEA के अनुसार वनस्पति तेल आयात बढ़ा है. पाम ऑयल आयात उतार-चढ़ाव में है, जबकि सोया ऑयल बढ़ा और सूरजमुखी तेल घटा है.
भारत का खाद्य तेल आयात लगातार बढ़ने के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना हुआ है. इसको देखते हुए सरकार ने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स- पाम ऑयल (NMEO-OP) के तहत देश में पाम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. हालांकि, सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद मिशन रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है. किसान पाम ऑयल की खेती करने से दूरी बना रहे हैं.
दरअसल, आमतौर पर पाम ऑयल के पौधे नर्सरी में 12 से 14 महीने तक तैयार किए जाते हैं, इसके बाद उन्हें खेतों में खेतों में लगाया जाता है. लेकिन कई बार योजना और वास्तविक मांग में अंतर होने से नर्सरी में अतिरिक्त पौधे जमा हो जाते हैं. इनमें से कुछ पौधे 3- 4 साल तक पुराने होकर 12-14 फीट तक ऊंचे हो जाते हैं, जो रोपण के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते. इसी कारण किसान ऐसे पौधों को लगाने में हिचकिचाते हैं.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पाम ऑयल का औसत मासिक आयात अक्टूबर 2025 में समाप्त हुए मार्केटिंग वर्ष में करीब 6,32,000 टन रहा है. यह जानकारी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने दी है. मुंबई के एक ट्रेडिंग हाउस के डीलर के अनुसार, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं की ओर से पाम ऑयल की खरीद कम हुई है, जिसकी वजह कुकिंग गैस की कमी बताई जा रही है. इसका असर कुल आयात पर भी पड़ा है.
सोया ऑयल के आयात में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी
दूसरी ओर, सोया ऑयल के आयात में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह बढ़कर 4,93,854 टन तक पहुंच गया है. वहीं सूरजमुखी तेल का आयात लगभग 32 प्रतिशत घटकर 2,95,726 टन रह गया. कुल मिलाकर, पाम ऑयल और सोया ऑयल के बढ़े हुए आयात के कारण मई में भारत का कुल वनस्पति तेल आयात 4.2 प्रतिशत बढ़कर 13.7 लाख टन पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों में सबसे अधिक स्तर है.
वनस्पति तेल आयात में बढ़ोतरी दर्ज
भारत के वनस्पति तेल आयात में इस बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के मुताबिक, 1 नवंबर से शुरू हुए मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों में भारत का कुल वनस्पति तेल आयात पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़कर 9.2 मिलियन टन हो गया है.
आयात 6 लाख टन से ऊपर जा सकता है
विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून महीने में पाम ऑयल का आयात 6 लाख टन से ऊपर जा सकता है, जबकि सोया ऑयल का आयात घटकर लगभग 3.5 लाख टन रह सकता है. राजकोट स्थित ट्रेडर GGN रिसर्च के मैनेजिंग पार्टनर राजेश पटेल के अनुसार, भारत में पाम ऑयल की मांग फिर से बढ़ रही है, जबकि सोया ऑयल की खपत कुछ कम हो रही है. भारत अपनी पाम ऑयल की अधिकांश जरूरत इंडोनेशिया और मलेशिया से पूरी करता है, जबकि सोया ऑयल और सूरजमुखी तेल मुख्य रूप से अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से आयात किए जाते हैं.