नकली खाद और नकली कीटनाशक खपाने का मामला जांच अभियान के दौरान खुल गया तो हड़कंप मच गया. मध्य प्रदेश के कृषि विभाग के अधिकारियों ने 207 से ज्यादा बोरियों में भरी नकली खाद जब्त की है और नकली खाद बनाने का सामान भी पकड़ा गया है. इसके अलावा किसानों के बीच खपाई जा रही नकली कीटनाशक से भरीं 440 बोतलों को भी बरामद किया गया है.
पाटन के करौंदी गांव में नकली खाद बनाने का भंडाफोड़
मध्य प्रदेश के पाटन इलाके के ग्राम करौंदी में बड़ी मात्रा में नकली डीएपी बनाने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री पकड़ी गई है. नकली डीएपी बनाकर ब्रांडेड खाद कंपनी की बोरियों में भरकर किसानों की आंख में धूल झोंकी जा रही थी. कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार जिले में चलाये जा रहे जांच अभियान में कृषि अधिकारियों को बड़ी सफलता मिली है. कृषि अधिकारियों ने विकासखंड पाटन के ग्राम करोंदी में छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में नकली डीएपी बनाने में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री और ब्रांडेड कंपनी की खाली बोरियां पकड़ी हैं. कृषि अधिकारियों ने मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है.
ब्रांडेड कंपनी की बोरियों ने नकली खाद भरते पकड़े गए
उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने मीडिया को बताया कि अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन पंकज श्रीवास्तव और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पनागर पंकज शर्मा ने छापेमारी की, ग्राम करौंदी में 14 मील स्थित बहादुर सिंह राजपूत के घर से दानेदार सामग्री की 61 भरी और 100 खाली बोरियां तथा पीपीएल कंपनी के डीएपी के 56 खाली बैग बरामद किये गये. उन्होंने बताया कि दानेदार सामग्री का इस्तेमाल नकली डीएपी बनाने में किया जा रहा था. जबकि, खाली बोरियों पर पीपीएल कंपनी का नाम और लोगो स्थानीय स्तर छपवाया गया लग रहा था.
नकली खाद से भरी 31 बोरियां जब्त
उप संचालक कृषि ने बताया कि कार्रवाई के दौरान बहादुर सिंह राजपूत के निवास से तौल कांटा भी पाया गया. इसके अलावा पीपीएल यानी पारादीप फास्फेट लिमिटेड की 31 भरी बोरियां भी जप्त की गई हैं. आशंका है कि ये बोरियां नकली डीएपी से भरी गई हैं. बहादुर सिंह राजपूत के निवास पर पायी गई ये सभी सामग्री को पंचनामा बनाकर जप्त कर लिया गया है. आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है.
नकली कीटनाशक से भरी 440 बोतले मिलीं
कृषि अधिकारियों की टीम ने विष्णु वराह कृषि केंद्र की भी जांच की. इस प्रतिष्ठान के संचालक बहादुर सिंह राजपूत ही हैं. जांच की कार्रवाई के दौरान इस प्रतिष्ठान से इमिडाक्लोप्रिड की 42 बोतलें, हेक्साकोनाजोल की 50 बोतलें, अटेन की 300 बोतलें तथा टीओपोमोजीम की 48 बोतलें बरामद की गईं. बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के बेचे जा रहे इन कीटनाशकों को भी पंचनामा बनाकर जप्त कर लिया गया है तथा प्रतिष्ठान के कीटनाशक गोदाम को भी सील कर दिया गया है.
अधिकृत विक्रेता से खाद खरीदने की अपील
उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि नकली डीएपी बनाने के इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि किसानों को असली के नाम पर नकली उर्वरक उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है. किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक व कीटनाशक खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें.