लंदन के बाजारों में बढ़ी ओडिशा के आमों की मिठास, किसानों को मिला 72 प्रतिशत ज्यादा दाम

इस निर्यात के कारण किसानों को लगभग 72 प्रतिशत ज्यादा कीमत मिली. आमतौर पर स्थानीय बाजार में किसानों को अपनी फसल का उतना अच्छा दाम नहीं मिल पाता, लेकिन जब वही उत्पाद विदेश पहुंचता है तो उसकी कीमत काफी बढ़ जाती है. इससे किसानों की आय में सीधा फायदा होता है.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 13 May, 2026 | 12:21 PM

Odisha mango export: ओडिशा के किसानों के लिए इस बार आम का सीजन कई खुशियां लेकर आया है. राज्य के ढेंकानाल जिले से पहली बार इस सीजन में 3 टन अम्रपाली आम लंदन भेजे गए हैं. गांव के खेतों से निकले ये आम अब विदेशों में अपनी मिठास बिखेर रहे हैं. किसानों के लिए यह सिर्फ आम बेचने की बात नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत, नई सोच और बेहतर खेती का बड़ा परिणाम माना जा रहा है.

ढेंकानाल के किसान लंबे समय से अच्छी गुणवत्ता वाले आम उगा रहे थे, लेकिन उन्हें बड़े बाजार तक पहुंच नहीं मिल पा रही थी. अब पहली बार उनके आम अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचे हैं, जिससे किसानों में नई उम्मीद जगी है.

विदेशों में बढ़ रही भारतीय आमों की मांग

ढेंकानाल से भेजे गए आम अम्रपाली किस्म के हैं. यह आम अपनी मिठास, खुशबू और लंबे समय तक ताजा रहने की वजह से काफी पसंद किए जाते हैं. यही कारण है कि विदेशों में भी भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है.

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी ग्राहक अब भारतीय फलों की गुणवत्ता को पसंद करने लगे हैं. सही पैकिंग, समय पर डिलीवरी और अच्छी क्वालिटी की वजह से भारतीय आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल रही है. अब ओडिशा के आम भी इसी पहचान का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं.

किसानों को मिला सरकार और संस्थाओं का साथ

बिजनेस लाइन की इस खबर के अनुसार, इस सफलता के पीछे किसानों की मेहनत के साथ-साथ सरकारी विभागों और संस्थाओं का सहयोग भी अहम रहा. राज्य सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग और उद्यान विभाग ने किसानों को हर जरूरी मदद दी.

किसानों को बताया गया कि विदेशों में फल भेजने के लिए किन मानकों का पालन करना जरूरी होता है. उन्हें गुणवत्ता जांच, ग्रेडिंग, पैकिंग और निर्यात प्रक्रिया की जानकारी दी गई. इससे किसानों को पहली बार यह समझ आया कि अगर फसल को सही तरीके से तैयार किया जाए तो उसे विदेशी बाजार में भी अच्छा दाम मिल सकता है.

FPO ने आसान बनाया निर्यात का रास्ता

इस पूरे अभियान में किसान उत्पादक संगठनों यानी FPOs ने भी बड़ी भूमिका निभाई. मदनमोहन फार्मर प्रोड्यूसर कोऑपरेटिव सोसाइटी, DKL इनोवेटिव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी और कंकड़ाहाड़ एफपीसीएल ने मिलकर किसानों से आम इकट्ठा किए और निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाया. छोटे किसानों के लिए अकेले विदेशी बाजार तक पहुंचना आसान नहीं होता. ऐसे में FPO मॉडल किसानों को एक साथ जोड़कर बड़े बाजार तक पहुंचाने का काम कर रहा है.

किसानों को मिला पहले से ज्यादा दाम

इस निर्यात का सबसे बड़ा फायदा किसानों की आय में देखने को मिला. रिपोर्ट के अनुसार किसानों को अपने आमों का करीब 72 प्रतिशत ज्यादा दाम मिला. आमतौर पर स्थानीय मंडियों में किसानों को उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती. कई बार उन्हें मजबूरी में कम दाम पर आम बेचने पड़ते हैं. लेकिन जब वही आम विदेश पहुंचा तो उसकी कीमत काफी बढ़ गई. कई किसानों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपनी मेहनत का इतना अच्छा फायदा मिला है. इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है.

लंबे समय की तैयारी का मिला फायदा

यह सफलता अचानक नहीं मिली. इसके पीछे लंबे समय से की गई तैयारी और प्रशिक्षण का बड़ा योगदान रहा. किसानों को पहले से ही यह सिखाया गया था कि निर्यात के लिए किस तरह की गुणवत्ता जरूरी होती है. उन्हें फसल प्रबंधन, कीटनाशक के सही इस्तेमाल, साफ-सफाई और पैकिंग के बारे में जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने किसानों को समझाया कि विदेशी बाजार में केवल अच्छी क्वालिटी का उत्पाद ही टिक सकता है. इसी तैयारी का नतीजा है कि ढेंकानाल के आम अब लंदन तक पहुंच पाए.

APEDA ने भी निभाई अहम भूमिका

APEDA ने भी इस निर्यात को सफल बनाने में अहम सहयोग दिया. संस्था लगातार भारतीय कृषि उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है.

संस्था के क्षेत्रीय प्रमुख सीताकांत मंडल ने कहा कि किसानों और FPOs को लगातार प्रशिक्षण देना बहुत जरूरी है. इससे किसान बाजार की जरूरतों को समझ पाते हैं और उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है. उन्होंने कहा कि अगर किसान लगातार सीखते रहें और गुणवत्ता बनाए रखें, तो वे लंबे समय तक विदेशी बाजार में टिक सकते हैं.

ओडिशा के किसानों के लिए खुल सकते हैं नए रास्ते

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. अगर किसानों को इसी तरह प्रशिक्षण, तकनीक और बाजार का सहयोग मिलता रहा तो आने वाले समय में ओडिशा के दूसरे फल और कृषि उत्पाद भी विदेशों तक पहुंच सकते हैं. इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 13 May, 2026 | 12:09 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

मध्य प्रदेश के किस वैरायटी के गेहूं को जीआई टैग मिला है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
धान (चावल)
विजेताओं के नाम
संजीव कुमार, रेवाड़ी, हरियाणा

लेटेस्ट न्यूज़