टमाटर-प्याज किसानों को बड़ी सौगात! कीमत गिरने पर मिलेगी सरकारी मदद.. शुरू होगी नई योजना
तमिलनाडु सरकार ने कृषि बजट में टमाटर और प्याज किसानों के लिए प्राइस सपोर्ट योजना का प्रस्ताव रखा है. कीमत गिरने पर किसानों को राहत देने के लिए 4.26 करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा. साथ ही हरित खाद को बढ़ावा, 3,000 रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी और 500 युवाओं को ड्रोन ऑपरेटर प्रशिक्षण देने की भी घोषणा की गई है
तमिलनाडु सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देने के लिए टमाटर और प्याज के लिए मूल्य समर्थन (प्राइस सपोर्ट) योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य फसल की कीमतें गिरने पर किसानों को नुकसान से बचाना है. यह घोषणा राज्य के कृषि बजट में की गई. राज्य के कृषि सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त पी. शंकर ने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार की मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) की तर्ज पर तैयार की जाएगी, जिसका इस्तेमाल आम की खरीद के लिए किया जाता है. उन्होंने कहा कि योजना को लागू करने के तरीके पर अभी काम चल रहा है और आम की MIS से मिले अनुभव का उपयोग किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आम के मामले में पल्प फैक्ट्रियों को कुछ समय के लिए अस्थायी नियामक मंडी बनाया जाता है और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया बागवानी और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में होती है. टमाटर और प्याज के मामले में भी सरकार यह तय कर रही है कि वह किसानों से सीधे फसल खरीदेगी या फिर बाजार भाव और उत्पादन लागत के बीच के अंतर की भरपाई करेगी.
फंड के लिए 4.26 करोड़ रुपये का प्रावधान
तमिलनाडु सरकार ने टमाटर और प्याज जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों की कीमतों में गिरावट से किसानों को बचाने के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम- प्राइस स्टेबिलाइजेशन रिवॉल्विंग फंड (MIS-PSRF) बनाने का ऐलान किया है. इस फंड के लिए 4.26 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसका संचालन तमिलनाडु राज्य कृषि विपणन बोर्ड करेगा, ताकि कीमत गिरने पर किसानों को राहत मिल सके.
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हरित खाद को बढ़ावा देने की तैयारी
इसके अलावा सरकार ने मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए हरित खाद (ग्रीन मैन्योर) को बढ़ावा देने का भी फैसला किया है. इसके लिए 63.5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. सरकार किसानों को सनहेम्प, ढैंचा और कोलिंजी जैसी हरित खाद वाली फसलों के बीज उपलब्ध कराएगी, जिन्हें 1 लाख एकड़ क्षेत्र में बोया जाएगा. वहीं, 22 हजार एकड़ में बहु-अनाज (मल्टीग्रेन) फसलों के बीज भी वितरित किए जाएंगे.
रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी
करीब एक महीने बाद इन फसलों को मिट्टी में मिलाया जाएगा, जिससे जमीन की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी. इसके लिए सरकार किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी भी देगी. तमिलनाडु सरकार ने खेती में श्रमिकों की कमी को दूर करने और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 500 लोगों, जिनमें 100 महिलाएं शामिल होंगी, को ड्रोन ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित करने का फैसला किया है. यह पहल ‘वेट्री वानमगल’ योजना के तहत की जाएगी.
ड्रोन खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी
राज्य के कृषि सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त पी. शंकर ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय के रिमोट पायलट ट्रेनिंग संगठन के माध्यम से ड्रोन पायलट लाइसेंस दिया जाएगा. इनमें से 50 महिलाओं को ड्रोन खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलेगी. इस योजना के लिए सरकार ने 2.5 करोड़ रुपये का बजट रखा है. सुपर अल नीनो के संभावित असर पर उन्होंने कहा कि कृषि विभाग जिलेवार आकस्मिक (कंटिजेंसी) योजना तैयार कर रहा है, ताकि कम बारिश की स्थिति से निपटा जा सके. हालांकि, हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole-IOD) के सकारात्मक रहने का अनुमान है, जिससे राज्य में अच्छी बारिश होने की संभावना है.