यूपी में गेहूं खरीद शुरू.. पहले दिन मंडियों में उपज लेकर पहुंचे किसान, 160 रुपये बढ़ाकर मिल रहा गेहूं का भाव
Wheat Procurement in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद के पहले दिन मंडियों में स्थित खरीद केंद्रों पर किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे हैं. किसानों को इस बार 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर भाव दिया जा रहा है. बिक्री के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है.
उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद आज 30 मार्च शुरू कर दी गई है. पहले दिन पश्चिमी यूपी समेत राज्य की अन्य मंडियों में किसान अपनी उपज लेकर बिक्री करने पहुंचे हैं. हालांकि, अभी कई इलाकों में गेहूं की कटाई चल रही है. इसलिए खरीद केंद्रों पर ज्यादा भीड़ नहीं दिखी. गेहूं खरीद पिछले साल की तुलना में 160 रुपये अधिक एमएसपी पर की जा रही है. राज्य सरकार की ओर से किसानों से कहा गया है कि वे अपनी उपज बेचने के लिए रसद विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पहले रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें. ताकि उन्हें भीड़ से बचकर अपनी उपज बेचने में आसानी हो.
160 रुपये बढ़ाकर एमएसपी के साथ गेहूं खरीद शुरू
रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सरकार के प्रयास को किसानों का साथ मिल रहा है. उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद आज सोमवार से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी. गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से अधिक किसानों ने बिक्री के लिए पंजीकरण करा लिया है. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल अधिक है.
6500 खरीद केंद्रों पर सुबह 9 बजे से 6 बजे तक होगी खरीद
अब तक 3574 स्थापित प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों द्वारा 6500 क्रय केंद्र स्थापित होंगे. योगी सरकार के निर्देश पर तेजी से कार्य भी प्रारंभ हो गए हैं. गेहूं खरीद शुरू हो गई है. इसके पहले ही प्रदेश में 3574 क्रय केंद्र स्थापित कर लिए गए हैं. क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे.
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उतराई-छनाई के लिए किसानों को 20 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी सूरत में परेशानी नहीं होनी चाहिए. मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी व बैठने समेत हर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं. मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं. बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है. इसके साथ ही किसानों को गेहूं उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से दिए 20 रुपये प्रति कुंतल दिए जाएंगे.
50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का टारगेट
किसानों ने इस साल काफी अच्छी फसल तैयार की है. इसके लिए कृषि विभाग ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में बीज भी उपलब्ध कराए थे. सरकार ने निर्देशित किया है कि पर्याप्त मात्रा में खरीद कर ली जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े. खाद्य व रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 50 लाख मीट्रिक टन किए जाने का निर्देश दिया है.
गेहूं बिक्री के लिए किसान ऐसे कराएं पंजीकरण
जिन किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण-नवीनीकरण करा सकते हैं. गेहूं बिक्री के लिए इस पोर्टल/मोबाइल ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य है. गेहूं बिक्री के दौरान यदि कोई समस्या होती है तो किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी दे सकते हैं. इसका निस्तारण अधिकारियों के जरिए कराया जाएगा.