सूखे इलाकों में 9 फसलों की खेती का सुझाव, संकट से बचाने के लिए बीज और पैसे दे रही सरकार

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग ने इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों को मौसम के अनुरूप फसल लेने की सलाह दी है. दलहन और तिलहन और मोटे अनाज की 9 फसलों की बुवाई के लिए सूची जारी की है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 25 Jun, 2026 | 02:39 PM

अल नीनो के प्रभाव से कम बारिश की स्थिति से सूखे का संकट उपजा है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान और फसल उत्पादन घटने की चिंताओं से बचाने के लिए छ्त्तीसगढ़ सरकार ने सलाह जारी की है. राज्य सरकार ने किसानों को कम पानी लागत वाली दलहन और तिलहन और मोटे अनाज की फसलों की बुवाई करने को कहा है. सलाह में 9 फसलों की खेती की सूची भी जारी की गई है. इसके साथ ही इन फसलों के उन्नत बीज भी किसानों को उपलब्ध कराने की शुरू की गई है. जबकि, धान की बजाय दलहन, तिलहन की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है.

अगले तीन दिन तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है. मौसम विज्ञानी डॉ. गायत्री वाणी ने मौसम बुलेटिन में बताया कि आगामी दो से तीन दिन में मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में बढ़ने की संभावना है. इसी के प्रभाव से पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश स्थानों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से लेकर तेज वर्षा और वज्रपात भी हुआ है. इसके साथ ही मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में अगले 24 घंटों के दौरान एक से लेकर तीन डिग्री तक की गिरावट होने की संभावना है.

कम पानी लागत वाली फसलों की बुवाई करने की सलाह

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग ने इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों को मौसम के अनुरूप फसल लेने की सलाह दी है. विभाग ने धान के स्थान पर दलहन और तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने को कहा है. किसानों से कहा गया है कि इस खरीफ सीजन वे कम पानी लागत वाली फसलों की बुवाई करें. ताकि, संभावित सूखे की स्थितियों से आर्थिक नुकसान से बचा जा सके.

किसानों को इन 9 फसलों की खेती की सलाह

कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की संभावित परिस्थितियों में दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की 9 फसलों की खेती की सलाह दी गई है. इसमें अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, रामतिल, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों को शामिल किया गया है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार दलहन और तिलहन फसलें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. राज्य सरकार की ओर से किसानों को इन फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

दलहन-तिलहन फसलों के लिए सरकार 15 हजार रुपये भी देगी

राज्य सरकार ने कम पानी वाले क्षेत्रों में धान के बदले दलहन और तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है. इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर की जाती है. ऐसे में किसानों ने दलहन-तिलहन फसलों की बुवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है.

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