इस योजना से बिहार में बदल गई खेती का तरीका, किसानों को हो रही बंपर कमाई

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ योजना के तहत सबसे ज्यादा निवेश भंडारण क्षमता बढ़ाने पर किया गया है. इसके लिए अब तक 834 गोदाम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. वहीं खेती और फसल कटाई में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 591 परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

Kisan India
नोएडा | Published: 16 May, 2026 | 06:27 PM

Bihar Agriculture News: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘कृषि अवसंरचना कोष’ (AIF) योजना राज्य के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रही है. उन्होंने योजना की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं मिल रही हैं और खेती को मजबूत बनाने में मदद मिल रही है. कृषि अवसंरचना कोष केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में बुनियादी अवधारणाओं को बेहतर बनाने के लिए मध्यम और लंबी अवधि के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है. इस योजना के माध्यम से फसल कटाई के बाद बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण और सामुदायिक कृषि उपज के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिल सके.

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 4 नवंबर 2025 तक राज्य में ‘कृषि अवसंरचना कोष’  (AIF) योजना के तहत कुल 2045 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. इन परियोजनाओं के लिए करीब 1650.37 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. मंत्री ने कहा कि इस योजना से राज्य में कृषि सुधारों को मजबूत करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का काम तेजी से हो रहा है.

591 परियोजनाओं पर काम शुरू

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ योजना के तहत सबसे ज्यादा निवेश भंडारण क्षमता  बढ़ाने पर किया गया है. इसके लिए अब तक 834 गोदाम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. वहीं खेती और फसल कटाई में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 591 परियोजनाओं पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और फसल का नुकसान कम होगा.

315 प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए गए

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि फसलों से किसानों को ज्यादा फायदा दिलाने के लिए राज्य में 315 प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर फसलों की सफाई, ग्रेडिंग और प्रसंस्करण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. वहीं छोटे और सीमांत किसानों  को आधुनिक कृषि उपकरण किराए पर उपलब्ध कराने के लिए 196 कस्टम हायरिंग सेंटर भी बनाए गए हैं. इससे किसानों की लागत कम होगी और खेती आसान बनेगी.

कृषि सुविधाएं देने पर भी जोर दिया

इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं देने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसमें ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, साइलो, पैक-हाउस, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा फलों को सुरक्षित तरीके से पकाने के लिए रिपनिंग चैंबर, जैविक खेती के लिए ऑर्गेनिक इनपुट उत्पादन और स्मार्ट व प्रिसिजन फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.

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