भूपिंदर सिंह हुड्डा ने की विशेष गिरदावरी कराने की मांग, कहा- किसानों को तुरंत मिले मुआवजा.. साथ में बोनस भी

सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म एक्स पर भूपिंदर सिंह हुड्डा ने वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि आज मैंने बरारा और अंबाला की अनाज मंडियों में किसानों, मजदूरों और आढ़तियों से मुलाकात की, जो अव्यवस्था के कारण परेशान हैं. उन्होंने बताया कि राज्य की बीजेपी सरकार किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है.

नोएडा | Updated On: 10 Apr, 2026 | 01:14 PM

Haryana Crop Loss: हरियाणा में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से रबी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा गया है. हजारों हेक्टेयर रकबे में गेहूं, चना, सरसों और मक्का की फसल चौपट हो गई है. कई मंडियों में पानी भरने से गेहूं की खरीदी भी प्रभावित हुई है. इसी बीच हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार से बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए तुरंत विशेष गिरदावरी (फसल नुकसान का आकलन) कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि विशेष गिरदावरी के बाद प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा दे. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की फसल पर प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की जानी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके.

यमुनानगर जिले के साढ़ौरा कस्बे में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भूपिंदर सिंह हुड्डा  ने कहा कि खराब मौसम और सरकार की कथित किसान-विरोधी नीतियों के कारण किसान दोहरी मार झेल रहे हैं. इस दौरान उनके साथ हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद थे. दोनों नेताओं ने साढ़ौरा की अनाज मंडी का दौरा कर किसानों और व्यापारियों से बातचीत की. हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि फसल खरीद के नाम पर गड़बड़ियां की जा रही हैं और किसानों की उपज खरीदने से बचने के लिए नई-नई शर्तें लगाई जा रही हैं.

क्या बोले भूपिंदर सिंह हुड्डा

सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म एक्स पर भूपिंदर सिंह हुड्डा ने वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि आज मैंने बरारा और अंबाला की अनाज मंडियों में किसानों, मजदूरों और आढ़तियों से मुलाकात की, जो अव्यवस्था के कारण परेशान हैं. उन्होंने बताया कि राज्य की बीजेपी सरकार किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है और पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, ट्रैक्टर नंबर जांच और तीन गारंटर जैसी शर्तें लगाकर उन्हें उलझाया जा रहा है, ताकि उनकी फसल की खरीद  ही न करनी पड़. उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों को ऐसी दिक्कतें नहीं होती थीं और उनकी फसल आसानी से एमएसपी पर खरीदी जाती थी, जबकि अब सरकार एमएसपी का ऐलान तो करती है, लेकिन उसका लाभ किसानों तक नहीं पहुंच रहा है.

बारिश से किसानों को बहुत नुकसान

दरअसल, हरियाणा में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण तेज हवाओं और बारिश से किसानों को बहुत नुकसान पहुंचा है. कई जिलों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे नुकसान पहुंचा है. सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई बारिश से कटाई का काम भी प्रभावित हुआ और खेतों के साथ-साथ मंडियों में भी नुकसान की आशंका बढ़ गई है.

12.6 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

आंकड़ों के अनुसार, ‘मेरा फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 12.6 लाख से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. लेकिन बारिश से इन किसानों की चिंता बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश से गिर गई है, जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा और लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है. जानकारी के मुताबिक, हिसार, करनाल, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत 17 जिलों में बारिश से फसल नुकसान की खबर है.

Published: 10 Apr, 2026 | 01:07 PM

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