महाराष्ट्र के किसानों की मांग को राज्य सरकार ने मान लिया है और मक्का खरीद की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया है. यह दूसरी बार है जब अंतिम तारीख को आगे बढ़ाया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले से मक्का किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने में आसानी होगी और उन्हें राहत मिलेगी. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करने वाले किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए थे, जिसके बाद उन्हें बिक्री का फिर से मौका दिया जा रहा है.
महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में खरीफ 2025-26 सीजन के लिए मक्का खरीद की समयसीमा 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है. पहले यह सीमा 31 मार्च थी, लेकिन कई पंजीकृत किसानों की फसल न बिकने के कारण इसे बढ़ाया गया है. यह निर्णय मुख्य रूप से पहले से रजिस्टर्ड किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मक्का बेचने में मदद करने के लिए लिया गया है.
पहले से रजिस्टर्ड किसानों को नई तारीख का मिलेगा लाभ
महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए मक्का खरीद की समय सीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है, जिससे राज्य के किसानों को बड़ी राहत मिली है. उन्होंने आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि समय सीमा में यह विस्तार पहले से पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीद के लिए लागू होगा. उन्होंने बयान में कहा कि यह विस्तार पहले से रजिस्टर्ड किसानों से MSP पर मक्का की खरीद पर लागू होगा.
राज्य सरकार ने मक्का खरीद के लिए शर्तें लागू कीं
मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि चूंकि महाराष्ट्र के कई पंजीकृत किसान अभी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए थे, इसलिए राज्य सरकार ने केंद्र से इसे और बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद नई समय सीमा को मंजूरी दी गई. उन्होंने कहा कि यह विस्तार कुछ शर्तों के साथ दिया गया है, जैसे कि खरीदा गया मक्का क्वालिटी स्टैंडर्ड पर खरा उतरना चाहिए और उसके मानव उपभोग के लिए उपयुक्त होने का प्रमाणन जरूरी है.
175 रुपये बढ़े एमएसपी का लाभ मिलेगा
सरकार के फैसले से मक्का किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा. मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यह एमएसपी 2024-25 के 2,225 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले 175 रुपये ज्यादा है. महाराष्ट्र के किसानों को मक्का का बढ़ा भाव का लाभ मिल रहा है.
मंत्री ने कहा कि रीसाइक्लिंग को रोकने के लिए अगले खरीद सीजन शुरू होने से पहले स्टॉक को वितरित कर दिया जाना चाहिए. बता दें कि इससे पहले ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी सहित मोटे अनाजों की खरीद की समय सीमा 28 फरवरी थी, जिसे बाद में मक्का के लिए बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया था.