Arbi Ki Kheti: अगर आप अपने आस-पास या खेत में खाली जमीन को प्रयोग में लाना चाहते है और आप कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल की तलाश कर रहें हैं, तो अरबी की खेती आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. इसका स्वाद सबको पसंद आता है और सेहत के लिए भी फायदेमंद है साथ ही बाजार में भी अच्छा दाम मिल जाता है. अरबी की खासियत यह है कि इसके एक पौधे से 500-700 रूपए तक का मुनाफा कमाया जा सकता है.
अरबी: मुनाफे की फसल
अरबी की खेती किसानों के लिए फायदेमंद है क्योकि यह कंदनुमा फसल है साथ ही इसके पत्ते भी बिकते है, जिससे किसानों की दोहरी कमाई हो जाती है. इसके पत्ते का इस्तेमाल सब्जी, पकौडे और कई ट्रडिशनल डिशेज बनाने में किया जाता है, साथ ही इसके कंद को बेचकर किसानों को अच्छी आमदनी होती है.
कम लागत ज्यादा पैदावार
अरबी की खेती लो बजट की फसल है यानि कम लागत, कम मेहनत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. किसान एक बीघा जमीन से 8 से 10 क्विंटल तक अरबी आराम से निकाल सकते है. अगर पौधे ज्यादा हों तो कमाई और बढ सकती है.
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, अरबी की खेती किसानों के लिए सोने की खान बन सकती है. अरबी जमीन के अंदर उगने वाली फसल है जिस कारण इसमें कीट और बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. साल भर बनी रहती है इसलिए किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी पडती. स्थानीय मंडियों में इसका भाव कम ज्यादा होता रहता है लेकिन दिल्ली जैसी बडी मंडियों में अच्छा मुनाफा मिल जाता है. खास बात यह है कि दिल्ली के व्यापारी खेतों में आकर अरबी खरीदकर ले जाते है, जो विदेशों तक पहुंचाई जाती है.
खाली जमीन का करें प्रयोग
आपके खेत का कोई हिस्सा ऐसा है जो खाली है तो आप उस जमीन पर अरबी की खेती करके मुनफा कमा सकते है. सूखी और कम उपजाऊ मिट्टी में भी अरबी को उगाया जा सकता है. एक पौधे से लगभग 500 से 700 रूपये तक का लाभ प्राप्त किया जा सकता है. अरबी की खासियत यह कि इसके फल और पत्ते दोनों की मांग बाजार में बनी रहती है.
खेत की तैयारी और बुवाई का समय
खेत तैयार करने के लिए गोबर की खाद डालकर खेत की हल्की जुताई करें. अरबी के पौधे को ज्यादा पोषक तत्वों की ज़रुरत नही पडती इसलिए ज्यादा खाद न डालें. अरबी की बुवाई के लिए अक्टूबर से दिसम्बर का समय सबसे बेहतर माना जाता है. किसान भाईयों को ऐसे बीज का चुनाव करना चाहिए जिससे अच्छी गुणवत्ता वाले कंद लगे. पौधे से पौधे की दूरी 45-60 सेमी. रखनी चाहिए.
सिंचाई और निराई गुड़ाई
अरबी के खेत में नमी रहनी चाहिए लेकिन जलभराव से बचना चाहिए. इसकी सिंचाई 15-20 दिनों के अंतराल पर करनी चाहिए. अरबी के पौधो को समय-समय पर खरपतवार से मुक्त करते रहें. अरबी की फसल 4-5 महीनों में तैयार हो जाती है. कई किसान अरबी को स्थानीय बाज़ारों में बेचने के बजाय बडी मंडियों में बेचते है जहां इसकी अच्छी कीमत मिलती है और वहीं से विदेशों में भेजा जाता है. बाज़ार में अरबी की मांग साल भर बनी रहती है, इसके मात्र एक पौधे से लगभग 500-700 रूपये तक का मुनाफा कमाया जा सकता है.