7 साल से मक्का को चौपट कर रहा ये खतरनाक कीट, कृषि निदेशक ने बताया अचूक उपाय

Maize Crops Disease: कृषि सलाह में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. राहुल कटोच किसानों से मक्का की फसल में फॉल आर्मीवर्म कीट को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह कीट वर्ष 2018 में भारत में पहली बार कर्नाटक में पाया गया था और यह भुट्टा निकलने से पहले ही तना खा जाता है.

Kisan India
नोएडा | Published: 15 Jul, 2026 | 08:08 PM

मक्का की फसल में कीटों के हमले से किसान परेशान रहते हैं. यूं तो मक्का में कई तरह के कीटों का प्रकोप देखा जाता है लेकिन फॉल आर्मीवर्म कीट फसल के लिए बेहद घातक बताया गया है. हिमाचल समेत कई राज्यों के किसान इस कीट से परेशान हैं. यह कीट पत्तियों और तनों को खाकर खोखला कर देता है, जिससे पौधे में भुट्टा नहीं बनता है. कृषि विभाग के संयुक्त कृषि निदेशक ने किसानों को इस कीट के हमले से फसल बचाने के उपाय और छिड़काव के लिए दवाएं भी सुझाई हैं.

7 साल से मक्का किसानों के लिए मुसीबत बना कीट

हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार कांगड़ा समेत कई जिलों में 2019 से फॉल आर्मीवर्म मक्का किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है. कांगड़ा जिले के कृषि विभाग की ओर से जारी कृषि सलाह में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. राहुल कटोच किसानों से मक्का की फसल में फॉल आर्मीवर्म कीट को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह कीट वर्ष 2018 में भारत में पहली बार कर्नाटक में पाया गया था और वर्ष 2019 से हिमाचल प्रदेश में भी इसका प्रकोप देखा जा रहा है.

कीट को खत्म करने के लिए देसी तरीके भी बताए

कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान मौसम इसकी वृद्धि के लिए अनुकूल है, लेकिन समय पर उचित प्रबंधन अपनाकर इससे आसानी से बचाव किया जा सकता है. डॉ. राहुल कटोच ने कहा कि किसान एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाएं, फसल की गहरी जुताई करें, खेतों को खरपतवार मुक्त रखें, नियमित रूप से फसल की निगरानी करें तथा खेतों में पक्षियों के बैठने की व्यवस्था करें ताकि वे कीटों को खाकर उनकी संख्या कम कर सकें.

छिड़काव के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल करें किसान

उन्होंने बताया कि यदि फसल में 10 फीसदी से अधिक पौधों पर प्रकोप दिखाई दे, तभी नियंत्रण के उपाय अपनाने की जरूरत होती है. उन्होंने जैविक खेती करने वाले किसानों को अग्नि अस्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक घोलों का प्रयोग करने की सलाह दी. वहीं, अधिक प्रकोप की स्थिति में इमामेक्टिन बेंजोएट या क्लोरेंट्रानिलिप्रोल जैसे अनुशंसित कीटनाशकों का वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उपयोग किया जा सकता है.

Dangerous Fall Armyworm damaging maize crops

फॉल आर्मीवर्म की चपेट में मक्का के पौधों के बारे में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. राहुल कटोच ने जानकारी दी.

शाखाएं फूटने की जगह सही छिड़काव जरूरी

डॉ. कटोच ने बताया कि दवा का छिड़काव पौधे के ‘व्हॉर्ल’ यानी शाखाएं निकलने की जगह में अच्छी तरह करना चाहिए, क्योंकि कीट वहीं छिपा रहता है. साथ ही बारिश की संभावना होने पर छिड़काव नहीं करना चाहिए, ताकि दवा का प्रभाव बना रहे. उन्होंने किसानों से अपील की कि घबराने के बजाय समय-समय पर मक्का फसल का निरीक्षण करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही कीट नियंत्रण के उपाय अपनाएं.

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