दरभंगा के किसानों का मखाना पहुंचा दिल्ली, FPO ने 55 लाख से ज्यादा का किया कारोबार

दरभंगा के किसानों का मखाना अब गांवों से निकलकर दिल्ली के बड़े बाजार तक पहुंच रहा है. मनीगाछी एफपीओ से जुड़े 1,020 किसान सदस्य मदर डेयरी को नियमित मखाना सप्लाई कर रहे हैं. इस पहल से अब तक 55 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है.

नोएडा | Updated On: 27 Aug, 2026 | 06:39 PM

Darbhanga Makhana: दरभंगा के किसानों के लिए मखाना अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रह गया है. जिले के मनीगाछी स्थित मनीगाछी मिडास फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने किसानों को सीधे बड़े शहरी बाजारों से जोड़ने की दिशा में अहम कदम उठाया है. 1,020 किसान सदस्यों वाला यह किसान उत्पादक संगठन नियमित रूप से दिल्ली में मदर डेयरी को मखाना सप्लाई कर रहा है. अब तक इस सप्लाई से 55 लाख रुपये से अधिक का कारोबार हो चुका है. इससे किसान सदस्यों को स्थानीय बाजारों के मुकाबले बेहतर बाजार पहुंच और मूल्य प्राप्ति का अवसर मिल रहा है.

1,020 किसानों को मिला बड़े बाजार का रास्ता

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, मनीगाछी मिडास फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड दरभंगा के किसानों को संगठित बाजार व्यवस्था से जोड़ने का काम कर रही है. इस एफपीओ से करीब 1,020 किसान सदस्य जुड़े हुए हैं. इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना  और उन्हें स्थानीय स्तर से आगे बड़े बाजारों तक पहुंच दिलाना है. मखाना दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों की प्रमुख कृषि उपज है और इसकी देशभर में मांग लगातार बनी हुई है.

दिल्ली में मदर डेयरी को पहुंच रहा मखाना

एफपीओ की ओर से दिल्ली के शहरी बाजार में नियमित रूप से मखाना भेजा जा रहा है. इसके लिए मदर डेयरी के बाजार नेटवर्क से जुड़ाव किया गया है. अब तक एफपीओ ने दिल्ली में मखाना सप्लाई के जरिए 55 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया है. इस पहल से दरभंगा के किसानों की उपज सीधे बड़े शहरों के उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है. इससे किसानों को स्थानीय बाजार से बाहर निकलकर बेहतर और स्थायी बाजार से जुड़ने का अवसर मिला है.

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बढ़ा बाजार संपर्क

दरभंगा को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना  के तहत शामिल किए जाने के बाद कृषि क्षेत्र में बाजार संपर्क मजबूत करने और किसानों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. इसी दिशा में एफपीओ की गतिविधियां किसानों को शहरी बाजारों से जोड़ने पर केंद्रित हैं. स्थानीय स्तर पर उत्पादित मखाने को संगठित तरीके से बड़े बाजार तक पहुंचाना किसानों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्ति का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है.

खेत से दिल्ली के उपभोक्ताओं तक पहुंचा मखाना

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, एफपीओ (FPO) की यह पहल दिखाती है कि किसान उत्पादक संगठनों के जरिए गांवों की कृषि उपज को बड़े शहरों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं. दरभंगा के किसान मखाना उत्पादन  कर रहे हैं, जबकि एफपीओ बाजार, आपूर्ति और उपभोक्ताओं के बीच मजबूत कड़ी का काम कर रहा है. दिल्ली जैसे बड़े बाजार से जुड़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए नए अवसर मिल रहे हैं. यह मॉडल भविष्य में मखाने के साथ-साथ अन्य कृषि उत्पादों के लिए भी बाजार संपर्क मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है.

Published: 27 Aug, 2026 | 09:01 PM

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