किसानों की खरीदारी से दौड़ी ट्रैक्टर मार्केट! एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने जुलाई में बना दिया नया रिकॉर्ड
अच्छी बारिश और खरीफ फसलों की तेज बुवाई ने ट्रैक्टर बाजार में नई जान फूंक दी है. एस्कॉर्ट्स कुबोटा की जुलाई 2026 में ट्रैक्टर बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 8,731 यूनिट पहुंच गई. घरेलू बाजार के साथ निर्यात में भी कंपनी ने शानदार बढ़त दर्ज की.
Escorts Kubota Tractor: अच्छी बारिश, खरीफ फसलों की तेज बुवाई और ग्रामीण बाजार में बढ़ती मांग का असर अब ट्रैक्टर उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगा है. देश की प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने जुलाई 2026 में शानदार बिक्री दर्ज की है. कंपनी के अनुसार, जुलाई महीने में उसकी कुल ट्रैक्टर बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 8,731 यूनिट तक पहुंच गई. घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आने वाले महीनों के लिए कंपनी का भरोसा और मजबूत हुआ है.
घरेलू बाजार में किसानों ने बढ़ाई ट्रैक्टरों की मांग
एस्कॉर्ट्स कुबोटा के अनुसार, जुलाई 2025 में कंपनी ने घरेलू बाजार में 6,624 ट्रैक्टर बेचे थे. वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या बढ़कर 8,194 यूनिट हो गई. यानी एक साल में घरेलू बिक्री में 23.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. कंपनी का कहना है कि इस साल कई राज्यों में जुलाई के दौरान बारिश में सुधार हुआ, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई तेज हुई. खेतों की तैयारी, जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए किसानों ने बड़ी संख्या में नए ट्रैक्टर खरीदे. ग्रामीण क्षेत्रों में खेती से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने का सीधा फायदा ट्रैक्टर बाजार को मिला.
विदेशों में भी बढ़ी एस्कॉर्ट्स कुबोटा की पकड़
घरेलू बाजार के साथ-साथ कंपनी के ट्रैक्टरों की मांग विदेशों में भी बढ़ी है. जुलाई 2026 में कंपनी ने 537 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा थोड़ा कम था. इस तरह ट्रैक्टर निर्यात में 1.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय ट्रैक्टरों की गुणवत्ता और भरोसे के कारण निर्यात लगातार मजबूत हो रहा है. इससे कंपनी को घरेलू बाजार के अलावा वैश्विक स्तर पर भी नए अवसर मिल रहे हैं.
बारिश और खरीफ बुवाई ने बदली बाजार की तस्वीर
एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने बताया कि जून महीने में बारिश की कमी चिंता का विषय थी, लेकिन जुलाई में वर्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ. बारिश की कमी घटकर लगभग 14 से 15 प्रतिशत रह गई, जिससे किसानों का भरोसा बढ़ा और खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई. कंपनी के अनुसार, बेहतर मानसून और कृषि गतिविधियों में तेजी आने से ग्रामीण बाजार में सकारात्मक माहौल बना है. इसका असर ट्रैक्टरों की खुदरा और थोक बिक्री दोनों पर देखने को मिला. किसानों ने नई मशीनरी में निवेश बढ़ाया, जिससे कंपनी की बिक्री को मजबूती मिली.
आने वाले महीनों में इन बातों पर रहेगी नजर
कंपनी ने कहा कि आगे भी बाजार की स्थिति काफी हद तक मानसून और खरीफ फसलों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी. इसके अलावा तीसरी तिमाही में त्योहारों के समय, ट्रैक्टर निर्माण की बढ़ती लागत और ग्रामीण मांग जैसे कारकों पर भी नजर रखनी होगी. चालू वित्तीय वर्ष अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान कंपनी की कुल ट्रैक्टर बिक्री 20.8 प्रतिशत बढ़कर 45,593 यूनिट तक पहुंच गई है. यह आंकड़ा बताता है कि खेती-किसानी में मशीनों की मांग लगातार बढ़ रही है. यदि मानसून सामान्य रहता है और खरीफ फसलों का उत्पादन अच्छा होता है, तो आने वाले महीनों में ट्रैक्टर बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है.