देश में ट्रैक्टर की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. बेहतर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की बढ़ती आय और कृषि गतिविधियों में तेजी के चलते ट्रैक्टर बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन (TMA) के अनुसार, मई 2026 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 1.08 लाख यूनिट के पार पहुंच गई, जो पिछले साल मई में बिके 90,500 ट्रैक्टरों के मुकाबले 20 फीसदी अधिक हैं. इसके साथ ही लगातार तीसरे महीने बिक्री 1 लाख यूनिट के आंकड़े से ऊपर रही, जो कृषि क्षेत्र में बढ़ते निवेश और किसानों के बढ़ते भरोसे का संकेत है. हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि ट्रैक्टरों पर जीएसटी में कटौती से ग्रामीण इलाकों इसकी बिक्री बढ़ी है.
ऐसे इस साल ट्रैक्टर बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. जनवरी में 88,522 ट्रैक्टर बिके थे, जो मार्च में बढ़कर 1,03,193 यूनिट हो गए. इसके बाद अप्रैल में बिक्री 1,05,021 यूनिट और मई में 1,08,229 यूनिट तक पहुंच गई. इससे साफ है कि किसानों के बीच ट्रैक्टरों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. खास बात यह है कि घरेलू बिक्री के साथ-साथ ट्रैक्टर निर्यात में भी सुधार देखने को मिला है. मई 2026 में भारत से 10,165 ट्रैक्टरों का निर्यात हुआ, जो इस साल पहली बार 10 हजार यूनिट के आंकड़े को पार कर गया. यह मार्च 2025 के बाद सबसे अधिक निर्यात है, जब 10,733 ट्रैक्टर विदेश भेजे गए थे. इससे पहले मार्च 2024 में 10,794 ट्रैक्टरों का निर्यात हुआ था.
क्यों बढ़ रही ट्रैक्टर की बिक्री
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय ने ‘बिजनेसलाइन’ को कहा कि ट्रैक्टरों पर जीएसटी में कमी से ग्रामीण इलाकों में इनकी खरीद पहले के मुकाबले अधिक किफायती हुई है. इसी का असर मांग पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने बताया कि मई में ट्रैक्टर बिक्री में सालाना आधार पर 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो मजबूत मांग का संकेत है.
तीन महीनों तक ट्रैक्टर बिक्री का 1 लाख यूनिट से ऊपर
उन्होंने यह भी कहा कि लगातार तीन महीनों तक ट्रैक्टर बिक्री का 1 लाख यूनिट से ऊपर बने रहना उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है. हालांकि, महीने-दर-महीने बिक्री बढ़ने की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन ऊंचे आधार के बावजूद बिक्री में बढ़ोतरी जारी रहना बाजार की मजबूती को दर्शाता है. पूनम उपाध्याय ने कहा कि ट्रैक्टरों पर जीएसटी दर में कटौती सितंबर 2025 के आखिर में लागू हुई थी. इसलिए पिछले साल की बिक्री के आंकड़ों में भी इस राहत का असर शामिल है. ऐसे में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में पिछले साल की तुलना में ऊंची वृद्धि दर बनाए रखना उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. उन्होंने कहा कि आगे ट्रैक्टर बिक्री काफी हद तक मॉनसून की प्रगति और किसानों की आय पर निर्भर करेगी.
ट्रैक्टर उद्योग में मांग मजबूत बनी हुई है
वहीं, ट्रैक्टर निर्माता कंपनी कुबोटा लिमिटेड ने अपनी मई 2026 की रिपोर्ट में कहा कि ट्रैक्टर बाजार की वृद्धि मई में भी जारी रही और थोक (व्होलसेल) तथा खुदरा (रिटेल) दोनों स्तरों पर अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला. हालांकि, कंपनी ने कुछ चुनौतियों की भी ओर इशारा किया है. उर्वरकों की बढ़ती कीमतें, कुछ नकदी फसलों के कमजोर दाम और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां किसानों की क्रय क्षमता और खरीफ सीजन से पहले कृषि इनपुट की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती हैं. इसके बावजूद फिलहाल ट्रैक्टर उद्योग में मांग मजबूत बनी हुई है.