Bihar Teacher Recruitment 2026: बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक और बड़ा अवसर सामने आया है. राज्य सरकार ने ग्रामीण व शहरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) के तहत 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा विभाग ने इन पदों के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी है. इसके साथ ही समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के तहत 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पदों पर भी जल्द बहाली की जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
TRE-4 भर्ती के लिए BPSC को भेजी गई अधियाचना
बिहार के CM सम्राट चौधरी ने बताया कि शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के लिए कुल 32,388 पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी है. अब आयोग आगे की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा. लंबे समय से नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है. सरकार का कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा ताकि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित हो सके.
किस कक्षा में कितने शिक्षकों की होगी नियुक्ति?
TRE-4 के तहत अलग-अलग कक्षाओं के लिए पद निर्धारित किए गए हैं. सरकार के अनुसार-
- कक्षा 1 से 5 : 3,847 पद
- कक्षा 6 से 8 : 8,563 पद
- कक्षा 9 से 10 : 3,877 पद
- कक्षा 11 से 12 : 16,101 पद
इस तरह कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. सबसे अधिक पद उच्च माध्यमिक यानी कक्षा 11 और 12 के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है.
22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर भी होगी बहाली
शिक्षक भर्ती के साथ-साथ सरकार ने महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. सम्राट चौधरी ने बताया कि समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के अंतर्गत 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पदों पर भी भर्ती की जाएगी. इस भर्ती से ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाएं मजबूत होंगी. साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.
रोजगार और शिक्षा को मजबूत बनाने पर सरकार का जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. शिक्षक भर्ती और आंगनबाड़ी बहाली जैसे फैसले इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य केवल रिक्त पद भरना नहीं, बल्कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी है.
सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी, विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे और शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी. वहीं, आंगनबाड़ी भर्ती से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और माताओं को मिलने वाली सेवाओं में भी सुधार होने की उम्मीद है.