Bihar cabinet expansion 2026: बिहार सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. राम कृपाल यादव से कृषि मंत्रालय वापस ले लिया गया है, जबकि विजय सिन्हा को एक बार फिर कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सम्राट चौधरी के पास गृह विभाग समेत कई विभाग रहेंगे. कैबिनेट विस्तार के बाद नए फेरबदल में कई मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं, जिससे सरकार के अंदर नई राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति की चर्चा शुरू हो गई है. आइए देखते हैं किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला है.
राम कृपाल यादव से छिना कृषि विभाग, सहकारिता की जिम्मेदारी मिली
इस बड़े फेरबदल में सबसे अहम बदलाव राम कृपाल यादव (Ram Kripal Yadav) को लेकर हुआ है. उनसे कृषि विभाग वापस ले लिया गया है और अब उन्हें सहकारिता (Cooperation) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. पहले उनके पास कृषि मंत्रालय था, जिसे राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में माना जाता है. लेकिन अब सरकार ने यह जिम्मेदारी बदलकर नया संतुलन बनाने की कोशिश की है. सहकारिता विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए अहम माना जाता है. ऐसे में राम कृपाल यादव की भूमिका अब ग्रामीण और सहकारी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित होगी.
विजय कुमार सिन्हा को फिर मिला कृषि विभाग
इस फेरबदल का सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Sinha) को एक बार फिर कृषि मंत्रालय की कमान सौंप दी गई है. पहले भी वे इस विभाग को संभाल चुके हैं और अब दोबारा उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है. कृषि विभाग बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि राज्य की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव से किसानों से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा और उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा.

बिहार कैबिनेट में बड़ा बदलाव, नए विभागों की घोषणा हुई
स्वास्थ्य, गन्ना और अन्य विभागों में भी बड़े बदलाव
इस कैबिनेट विस्तार में केवल कृषि ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों में भी बदलाव किए गए हैं. निशांत कुमार (Nishant Kumar) को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जो राज्य के लोगों के लिए सबसे जरूरी विभागों में से एक है. गन्ना उद्योग विभाग की जिम्मेदारी अब संजय कुमार सिंह (Sanjay Kumar Singh) को दी गई है. गन्ना किसानों और चीनी उद्योग से जुड़े मामलों को संभालने में यह विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. डॉ. दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग दिया गया है, जबकि संजय सिंह टाइगर (Sanjay Singh Tiger) को उच्च शिक्षा और विधि विभाग की जिम्मेदारी मिली है. इन बदलावों का उद्देश्य सभी प्रमुख क्षेत्रों में कामकाज को तेज और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है.
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के पास अहम विभाग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) के पास गृह, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट सचिवालय, सतर्कता, चुनाव और नागरिक उड्डयन जैसे अहम विभाग रखे गए हैं. ये विभाग राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री भी कई बड़े विभागों को संभाल रहे हैं, जिससे सरकार के कामकाज में संतुलन और तेजी लाने की कोशिश की जा रही है. वित्त, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे विभागों को इस बार खास प्राथमिकता दी गई है ताकि योजनाएं सीधे जनता तक पहुंच सकें.
नए बदलाव से सरकार का लक्ष्य
इस पूरे कैबिनेट फेरबदल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को ज्यादा मजबूत और तेज बनाना बताया जा रहा है. सरकार चाहती है कि विभागों में कामकाज बेहतर हो और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे. कृषि, स्वास्थ्य और सहकारिता जैसे विभागों में हुए बदलाव से ये साफ है कि सरकार अब ग्रामीण विकास और किसानों पर ज्यादा फोकस कर रही है. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फेरबदल आने वाले समय में बिहार की राजनीति और प्रशासन दोनों पर बड़ा असर डालेगा और सरकार की कार्यशैली में नई गति देखने को मिल सकती है.