By-Election 2026: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है. सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है और मतदाता अपने-अपने क्षेत्रों में वोट डाल रहे हैं. इस बार जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें मध्य प्रदेश की दतिया, बिहार की बांकीपुर और गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट शामिल हैं. इन तीनों सीटों पर मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की साख का भी है. खासकर बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में उतरने के कारण यह सीट सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है.
बांकीपुर सीट पर सबकी नजर
बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है. यहां भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है. यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी.
प्रशांत किशोर ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है. उन्होंने क्षेत्र के लगभग हर मोहल्ले और गली में जाकर लोगों से संपर्क किया. उन्होंने इस चुनाव को सरकार के कामकाज पर जनता की राय बताया है और चुनाव प्रचार के दौरान राज्य सरकार पर कई सवाल भी उठाए. दूसरी ओर भाजपा ने भी अपनी पूरी ताकत लगाई है. नितिन नबीन ने खुद क्षेत्र में प्रचार कर लोगों को भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी बांकीपुर उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा.
दतिया में भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है. भाजपा ने इस बार पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है. वहीं कांग्रेस ने अनुभवी नेता कुंवर घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है, जो सातवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद खाली हुई थी. बैंक घोटाले से जुड़े मामले में सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी.
चुनाव से पहले दोनों दलों में टिकट को लेकर नाराजगी भी सामने आई. भाजपा में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जबकि कांग्रेस में भी टिकट को लेकर कई नेताओं के बीच खींचतान देखने को मिली. अब देखना होगा कि इन अंदरूनी मतभेदों का चुनाव परिणाम पर कितना असर पड़ता है.
मंजलपुर में भाजपा की मजबूत पकड़
गुजरात की वडोदरा स्थित मंजलपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है. यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता योगेश पटेल के निधन के बाद खाली हुई थी. योगेश पटेल लगातार आठ बार विधायक रहे थे और राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पहचान थी. इस बार भाजपा ने सतीश पटेल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी को मैदान में उतारा है. हालांकि यह सीट लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही है, लेकिन टिकट को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ नाराजगी भी सामने आई. इसी वजह से भाजपा के कई बड़े नेताओं ने यहां लगातार प्रचार किया और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश की.
तीन राज्यों में क्यों अहम हैं ये उपचुनाव?
हालांकि सिर्फ तीन सीटों पर चुनाव हो रहा है, लेकिन इन उपचुनावों को राजनीतिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बिहार में सभी की नजर इस बात पर है कि पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर कितना असर दिखा पाते हैं. वहीं मध्य प्रदेश में भाजपा के लिए दतिया सीट बचाना चुनौती है, जबकि कांग्रेस इस सीट को अपने खाते में वापस लाने की कोशिश कर रही है.
गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा अपनी परंपरागत बढ़त कायम रखना चाहेगी, जबकि कांग्रेस यहां बड़ा उलटफेर करने की उम्मीद में है. इन तीनों सीटों के नतीजे यह भी बताएंगे कि राज्यों में जनता का मौजूदा राजनीतिक माहौल किस ओर जा रहा है. अब सभी की निगाहें मतदान प्रतिशत और आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं.