UP Gram Panchayat: उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार ‘मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार’ योजना शुरू की है. इसके तहत प्रदेश की 10 ग्राम पंचायतों को चुना जाएगा और हर विजेता पंचायत को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी. सरकार का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि दूसरी ग्राम पंचायतों को भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है. पंचायती राज विभाग ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. पात्र ग्राम पंचायतें 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं.
10 अलग-अलग कामों के आधार पर होगा चयन
योगी सरकार की मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार के लिए पंचायतों को 10 अलग-अलग श्रेणियों में चुना जाएगा. यानी जिस पंचायत ने अपने इलाके में किसी खास क्षेत्र में बेहतर काम किया है, उसे उस श्रेणी में पुरस्कार के लिए मौका मिलेगा. इनमें घर-घर कचरा उठाने से लेकर पर्यावरण बचाने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने तक के काम शामिल हैं.
पुरस्कार की प्रमुख श्रेणियां इस तरह हैं:
- घर-घर कचरा संग्रह करने वाली पंचायत
- गंदे पानी और तरल कचरे का बेहतर प्रबंधन करने वाली पंचायत
- अपनी आमदनी बढ़ाने वाली ग्राम पंचायत
- प्लास्टिक मुक्त गांव और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन में बेहतर पंचायत
- कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए लोगों को सरकारी सेवाएं देने वाली पंचायत
- पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के लिए बेहतर काम करने वाली पंचायत
- ‘मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान में अच्छा काम करने वाली पंचायत
- महिला नेतृत्व और भागीदारी में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायत
- आधार केंद्र के जरिए सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली पंचायत
- सबसे ज्यादा जैविक खेती करने वाली ग्राम पंचायत
यूपी पंचायती राज विभाग द्वारा पहली बार ‘मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार’ योजना की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत प्रदेश की 10 ग्राम पंचायतों को चयनित कर ₹50 लाख की भव्य पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। #SpecialCMAward #UPPanchayatiraj@oprajbhar @CMOfficeUP @mopr_goi pic.twitter.com/UxstBzGy5p
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50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि क्यों अहम है?
हर चुनी गई ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपये मिलेंगे. इतनी बड़ी पुरस्कार राशि मिलने से पंचायतों को अपने गांव में अच्छे काम करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा. इससे पंचायतें सिर्फ सरकारी योजनाओं को लागू करने तक सीमित न रहकर अपने स्तर पर भी नई पहल करने की कोशिश कर सकती हैं. सरकार की कोशिश है कि गांवों में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण, सरकारी सेवाओं और खेती से जुड़े कामों में पंचायतों के बीच स्वस्थ मुकाबला बढ़े.
15 से 30 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन
इस पुरस्कार के लिए पात्र ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. पंचायती राज विभाग ने इसके लिए अलग पोर्टल cmawards.upprd.in शुरू किया है. आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगी. इसलिए पात्र पंचायतों को तय समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा करना होगा.
गांवों के विकास को मिलेगा नया बढ़ावा
इस योजना का सबसे बड़ा मकसद ऐसी ग्राम पंचायतों को सामने लाना है, जो अपने स्तर पर गांव की सुविधाओं और लोगों की जरूरतों के लिए अच्छा काम कर रही हैं. कचरा प्रबंधन, पर्यावरण सुरक्षा, महिलाओं की भागीदारी, डिजिटल सेवाएं और जैविक खेती जैसे काम सीधे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. पुरस्कार मिलने के बाद दूसरी पंचायतों को भी ऐसे काम अपनाने का उत्साह मिल सकता है. इससे गांवों में साफ-सफाई, सुविधाओं और विकास से जुड़े कामों की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है.