Quail Farming: अगर आप कम निवेश में पशुपालन से जुड़ा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो बटेर पालन एक अच्छा विकल्प बन सकता है. इसमें ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती और बटेर कम समय में बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं. बटेर पालन करीब 25 से 30 हजार रुपये में छोटी यूनिट शुरू की जा सकती है. बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, किसी भी पशुपालन व्यवसाय में साफ-सफाई, उचित तापमान, संतुलित आहार और नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.
10×10 फीट कमरे में पाल सकते हैं 500 बटेर
बटेर पालन की सबसे बड़ी खासियत कम जगह में अधिक संख्या में पक्षियों को पालना है. बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, करीब 10×10 फीट के कमरे में लगभग 500 बटेर पाले जा सकते हैं. छोटी यूनिट शुरू करने के लिए पिंजरे, बटेर के चूजे, दाना-पानी की व्यवस्था के साथ तापमान बनाए रखने के लिए बल्ब आदि की जरूरत होती है. शुरुआती स्तर पर इन सभी व्यवस्थाओं को मिलाकर करीब 25 से 30 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है. बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, पालन स्थल को साफ और हवादार रखना पक्षियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है.
सिर्फ 30 दिन में बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं बटेर
बटेर पालन में कारोबारियों को जल्दी रिटर्न मिलने की संभावना रहती है, क्योंकि ये पक्षी कम समय में तैयार हो जाते हैं. विभाग के अनुसार, बटेर करीब 30 दिनों में बिक्री योग्य हो जाते हैं. शुरुआती 15 दिनों में प्री-स्टार्टर फीड और इसके बाद अगले 15 दिनों तक स्टार्टर फीड दिया जाता है. एक बटेर का कुल फीड इंटेक करीब 350 से 400 ग्राम तक बताया गया है. हालांकि, वास्तविक खपत नस्ल, मौसम, प्रबंधन और पालन व्यवस्था के आधार पर अलग हो सकती है.
फीड और तापमान पर देना होगा खास ध्यान
बटेर पालन में सबसे बड़ा खर्च फीड का होता है. सामान्य फीड देने पर करीब 1000 बटेर के लिए एक महीने में लगभग 7 बैग दाने की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा पानी की पर्याप्त व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई भी जरूरी है. बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, पक्षियों को स्वस्थ रखने के लिए तापमान और स्वच्छता का सही प्रबंधन महत्वपूर्ण है. खासकर शुरुआती दिनों में चूजों को उचित तापमान उपलब्ध कराना जरूरी होता है.
बाजार की जानकारी लेकर ही शुरू करें कारोबार
कम जगह, कम शुरुआती निवेश और जल्दी तैयार होने की वजह से बटेर पालन छोटे कारोबारियों के लिए कम बजट वाला विकल्प बन सकता है. हालांकि, यूनिट शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार में बटेर और उसके मांस की मांग, बिक्री की व्यवस्था, चूजों की उपलब्धता और फीड की कीमत की जानकारी जरूर जुटानी चाहिए. बटेर पालन कर रहे हैं. बाजार की सही व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन के साथ छोटी यूनिट से शुरुआत करके धीरे-धीरे कारोबार का विस्तार किया जा सकता है.