Animal Nutrition: अच्छा दूध और स्वस्थ पशु हर पशुपालक की पहली जरूरत होती है, लेकिन इसके लिए सही आहार देना सबसे जरूरी है. बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, पशुओं के आहार में प्रोटीन की सही मात्रा होना बेहद जरूरी है. अगर पशुओं को संतुलित और प्रोटीन से भरपूर आहार दिया जाए, तो न सिर्फ उनकी सेहत बेहतर रहती है बल्कि दूध उत्पादन भी बढ़ता है.
पशुओं के शरीर के लिए क्यों जरूरी है प्रोटीन
बिहार पशुपालन निदेशालय के अनुसार, प्रोटीन पशुओं के शरीर के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है. यह शरीर की कोशिकाओं और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. अगर पशु को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो उसका विकास रुक सकता है और वह कमजोर हो सकता है. इसलिए रोजाना के आहार में प्रोटीन का सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है.
दूध उत्पादन बढ़ाने में करता है मदद
पशुओं के आहार में प्रोटीन का सीधा असर दूध उत्पादन और उसकी गुणवत्ता पर पड़ता है. विभाग के अनुसार, यदि पशुओं को प्रोटीन युक्त संतुलित आहार दिया जाए, तो उनकी दूध देने की क्षमता बढ़ जाती है. इससे न केवल दूध की मात्रा बढ़ती है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है. खासकर दूध में ‘एस.एन.एफ’ (Solid Not Fat) की मात्रा बढ़ने से दूध अधिक पौष्टिक बनता है. ऐसे दूध की बाजार में मांग भी ज्यादा होती है और पशुपालकों को बेहतर कीमत मिलती है. इसलिए विशेषज्ञ पशुपालकों को नियमित रूप से प्रोटीन युक्त चारा देने की सलाह देते हैं, ताकि उत्पादन और आय दोनों बढ़ सकें.
रोगों से बचाने में भी सहायक
प्रोटीन सिर्फ दूध बढ़ाने में ही नहीं, बल्कि पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करता है. अगर पशु को सही मात्रा में प्रोटीन मिलता है, तो वह जल्दी बीमार नहीं पड़ता और उसका शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम रहता है. इससे पशुपालकों को इलाज पर होने वाले खर्च से भी राहत मिलती है.
इन चीजों से मिलती है भरपूर प्रोटीन
बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, पशुओं को प्रोटीन देने के लिए कई अच्छे स्रोत उपलब्ध हैं. दलहनी चारा जैसे बरसीम, ल्यूसर्न और ग्वार प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं. इसके अलावा सरसों खल, बिनौला खल, मूंगफली खल और चोकर भी पशुओं के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. अगर पशुपालक इन चीजों को सही मात्रा में आहार में शामिल करें, तो उनके पशु स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन भी बढ़ेगा. कुल मिलाकर, प्रोटीन से भरपूर आहार अपनाकर पशुपालक कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं और अपने पशुधन को बेहतर बना सकते हैं.