Ginger New Varieties: गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलें उगाने वाले किसानों को अदरक की किस्मों की खेती लखपति बना रही है. नई प्रजातियों की खेती करके किसान दो से तीन लाख रुपए तक का मुनाफा हासिल कर रहे हैं. बिलासपुर कृषि महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि किसान अब अदरक की इन नई प्रजातियों को उगा कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगर किसान एक एकड़ खेत में इस नई किस्म की अदरक उगाएं, तो उन्हें 2 से 3 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. यह आमदनी पारंपरिक धान और गेहूं की खेती से लगभग दोगुनी है.
अदरक की 3 नई किस्में
वैज्ञानिकों ने अदरक की तीन नई प्रजातियां विकसित की हैं – सुरभि, श्रुचि और अश्रुति (केरल से लाई गई). इनमें से सुरभि और श्रुचि प्रजातियां किसानों के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी साबित हो रही हैं. अदरक के पौधे टिश्यू कल्चर और रायजोम (ऊतक प्रावधान) विधि से तैयार किए जा रहे हैं. इस तकनीक से बने पौधे रोग-प्रतिरोधक होते हैं और बेहतर गुणवत्ता की फसल देते हैं. धीरे-धीरे इन पौधों को किसानों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे अपने खेतों में व्यावसायिक रूप से उगा सकें.
लाभ और बाजार
नई किस्म की अदरक उगाने से किसान एक एकड़ में 2 से 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. बाजार में अदरक की लगातार मांग और कीमत में स्थिरता से कारण यह किसानों के लिए एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बनाती है. अदरक की यह उन्नत प्रजाति केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद नहीं करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ और देश के अन्य किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत करेगी. बिलासपुर कृषि महाविद्यालय की यह पहल राज्य के कृषि क्षेत्र में नई क्रांति साबित हो सकती है.