कम खर्च में शुरू करें अमरूद की खेती, हर सीजन किसानों को मिलेगा लाखों रुपये तक शानदार मुनाफा

अमरूद की उन्नत किस्में किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला अच्छा विकल्प बन रही हैं. सही समय पर पौधारोपण, बेहतर खाद प्रबंधन और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान बंपर उत्पादन हासिल कर सकते हैं. बाजार में अच्छी मांग होने से किसानों को फल का बेहतर दाम मिलता है और आय तेजी से बढ़ती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 25 May, 2026 | 11:30 PM

Guava Cultivation: फलदार फसलों की खेती आज किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनती जा रही है. खासकर अमरूद की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है. बाजार में सालभर इसकी मांग बनी रहती है, इसलिए किसान अब पारंपरिक खेती के साथ बागवानी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार अगर किसान सही किस्म, सही दूरी और वैज्ञानिक तरीके से अमरूद की खेती करें तो कम मेहनत में भी बंपर उत्पादन लिया जा सकता है. अमरूद की कुछ उन्नत किस्में ऐसी हैं, जिनसे एक पेड़ से 80 से 100 किलो तक फल मिल सकता है.

सही किस्म का चुनाव दिलाएगा ज्यादा मुनाफा

विशेषज्ञों के अनुसार अमरूद की खेती  में सबसे जरूरी बात सही किस्म का चयन होता है. अच्छी किस्म लगाने से फल का आकार, स्वाद और उत्पादन बेहतर मिलता है. साथ ही बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है. अमरूद की उन्नत किस्मों में लखनऊ-49, इलाहाबादी सफेदा और श्वेता को काफी अच्छा माना जाता है. ये किस्में जल्दी तैयार होती हैं और इनमें फल ज्यादा लगते हैं. इन किस्मों के फल आकार में बड़े, स्वाद में मीठे और बाजार में ज्यादा पसंद किए जाते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि इन किस्मों के अमरूद का वजन करीब 200 ग्राम तक पहुंच सकता है. इनके अंदर का गूदा हल्का गुलाबी होता है, जिससे बाजार में इनकी मांग और बढ़ जाती है. सही देखभाल करने पर किसान एक हेक्टेयर में करीब 200 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं.

जून का महीना पौधारोपण के लिए सबसे बेहतर

अमरूद के पौधे लगाने के लिए जून का महीना सबसे अच्छा माना जाता है. इस समय मौसम और मिट्टी में नमी अच्छी  रहती है, जिससे पौधों की बढ़वार तेजी से होती है. विशेषज्ञों के अनुसार पौधारोपण से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है. खेत की जुताई करके मिट्टी को भुरभुरी और साफ बना लेना चाहिए. खेत में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था भी जरूरी होती है, क्योंकि ज्यादा पानी पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. पौधे लगाने के लिए गड्ढा तैयार करते समय सही गहराई और चौड़ाई का ध्यान रखना चाहिए. हर गड्ढे के बीच लगभग 6 मीटर की दूरी रखने की सलाह दी जाती है ताकि पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. सही दूरी रखने से पौधों में हवा का संचार भी अच्छा रहता है और बीमारी का खतरा कम होता है.

अच्छी खाद और पोषण से बढ़ेगी पैदावार

विशेषज्ञों के अनुसार पौधे लगाने से पहले गड्ढों में अच्छी खाद डालना बेहद  जरूरी होता है. इससे मिट्टी उपजाऊ बनती है और पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. एक गड्ढे में करीब 30 किलो सड़ी हुई गोबर की खाद डालनी चाहिए. इसके साथ 2 किलो सिंगल सुपर फास्फेट, 1 किलो पोटाश और 10 ग्राम थाइमेट मिलाकर अच्छी तरह भरना चाहिए. इससे पौधों को शुरुआती पोषण मिलता है और पौधे मजबूत बनते हैं. खाद डालने के करीब 25 दिन बाद पौधे लगाने चाहिए. पौधे से पौधे के बीच लगभग 3×2 मीटर की दूरी रखना बेहतर माना जाता है. इस तरीके से एक हेक्टेयर खेत में करीब 1600 पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं.

कम मेहनत में मिलेगा बंपर उत्पादन

अमरूद की खेती में ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती. समय-समय पर हल्की सिंचाई और खेत की सफाई  करने से पौधे स्वस्थ बने रहते हैं. शुरुआती दिनों में खरपतवार हटाना जरूरी होता है ताकि पौधों को पूरा पोषण मिल सके. विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर किसान पौधों की सही देखभाल करें तो एक तैयार पेड़ से 80 से 100 किलो तक अमरूद मिल सकता है. यही वजह है कि अमरूद की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा कमाई देने वाला बेहतर विकल्प बनती जा रही है. आज बाजार में अच्छे और बड़े अमरूद की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से खेती करके किसान हर साल शानदार मुनाफा कमा सकते हैं.

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Published: 25 May, 2026 | 11:30 PM

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